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इंग्लैंड के पादरी की देखरेख में हुआ था बनारस के इस चर्च का निर्माण, यह है इसकी खासियत
Wed, 26 Dec 2018 11:21 AM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: shashikant misra
Updated Wed, 26 Dec 2018 11:21 AM IST
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lal girija
- फोटो : amar ujala
वाराणसी में स्थित एक चर्च बहुत ही खास है। इस चर्च को इंगलैंड के पादरी की देखरेख में बनवाया गया था। यह बहुत विशाल भले ना हो लेकिन लाल और सफेद रंग के इस चर्च की खूबसूरती देखते बनती है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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lal girija
नदेसर में ताज होटल के सामने स्थित लाल गिरजा काशी के खास चर्चों में शुमार है। इस गिरजाघर का लाल रंग जहां प्रेम और सौहार्द के लिए प्रभु यीशु की शहादत का प्रतीक है तो सफेद रंग उनके शांति संदेश का।
lal girija
चर्च के ऊपर लगा बड़ा सा घंटा इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाता है। ब्रिटिश पादरी एलवर्ट फ्रेंटीमैन ने इस चर्च की नींव रखी थी। 1879 में अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें यहां भेजा था। उनकी देखरेख में ही इस चर्च का निर्माण हुआ।
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christmas day
1887 में ईश्वरी लाल इस चर्च के पहले भारतीय पादरी बनाए गए। आजादी से पहले अंग्रेज फौजी ही यहां आराधना करते थे। इस समय संजय दान इसके पादरी हैं। यहां अंग्रेजी में ही नहीं, कभी-कभी हिंदी और उर्दू में भी प्रार्थना होती है।
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varanasi
- फोटो : amar ujala
लाल गिरजा चर्च का संचालन स्वायत्त रूप से होता है। इससे जुड़े हर सदस्य अपनी कमाई का दसवां हिस्सा इस चर्च को देते हैं।