फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Chitrakoot and Adi Latbhairav ??Ramlila started by worshiping the crown

चित्रकूट और आदि लाटभैरव रामलीला का मुकुट पूजन से श्रीगणेश

Fri, 01 Oct 2021 01:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 01 Oct 2021 01:12 AM IST
विज्ञापन
Chitrakoot and Adi Latbhairav ??Ramlila started by worshiping the crown
सिर मुकुट कुंडल तिलक चारु उदारु अंग विभूषण, आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर दूषणं...। जिनके मस्तक पर रत्न जड़ित मुकुट, कानों में कुंडल, भाल पर सुंदर तिलक और हर अंग में सुंदर आभूषण सुशोभित हो रहे हैं। जिनकी भुजाएं घुटनों तक लंबी हैं, जो धनुष बाण धारण किए हुए हैं और जिन्होंने संग्राम में खर-दूषण को जीत लिया है। बृहस्पतिवार को अखिल ब्रह्मांड नायक मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के मनोहारी स्वरूप के स्मरण के साथ रामलीलाओं का श्रीगणेश हुआ।
विज्ञापन

काशी की पांच सौ एक साल प्राचीन श्री चित्रकूट रामलीला बड़ागणेश स्थित अयोध्या भवन में मुकुट पूजन और राज्याभिषेक के साथ आरंभ हुई। गणेश पूजन, वरुण पूजन, मुकुट पूजन, किरीट पूजन एवं रामायण पूजन के साथ रामराज्याभिषेक आयोजन की लीला की झांकी सजाई गई। सर्वप्रथम श्रीराम, जानकी, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघभन के स्वरूपों ने मानव जाति के कल्याण के लिए लीला का संकल्प लिया। इसके पश्चात मुकुट धारण कर सिंहासन पर विराजमान हुए। भजन मंडली ने रामायण के बालकांड का संगीतमय पाठ किया। भगवान राम की झांकी का दर्शन कर भक्त भी आह्लादित नजर आ रहे थे। आरती के साथ लीला को विराम दिया गया। इस दौरान सुबोध अग्रवाल, मोहन कृष्ण अग्रवाल, मुकुंद उपाध्याय, सत्येंद्र कुमार राय, अशोक सिंह, अभिनव उपाध्याय, रघुनाथ दास मौजूद रहे।
विज्ञापन

गंगा-वरुणा संगम पर आरंभ हुई लाटभैरव की सांकेतिक रामलीला
श्रीआदि लाटभैरव के 477वें वर्ष में रामलीला का सांकेतिक श्रीगणेश मुकुट पूजन के साथ गंगा-वरुणा संगम स्थित लंका मैदान में हुआ। लंका मैदान के पश्चिमी छोर स्थित श्रीराम के सिंहासन पर पंचस्वरूपों का मुकुट एवं भगवान श्रीराम का चित्र सजाया गया। मानस का पाठ पांच ब्राह्मणों द्वारा पं. रामनिवास के आचार्यत्व में आरंभ हुआ। अंत में रामलीला समिति के सदस्यों ने चित्र और पंचस्वरूपों के मुकुट की आरती उतारी। प्रधानमंत्री एडवोकेट कन्हैया लाल यादव ने बताया कि कोविड संक्रमण के कारण रामलीला का सांकेतिक आयोजन किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लीला प्रेमियों में छाई उदासी
आदि लाटभैरव रामलीला का मंचन नहीं होने से लीला स्थल पर पहुंचे नेमियों में उदासी छाई रही। रामलीला प्रेमियों ने बताया कि पूरे साल रामलीला का इंतजार रहता था। लेकिन इस बार लीला मंचन न होने से उदासीनता बनी हुई है।

अमर उजाला ई-पेपर फ्री में पढ़ने के लिए अमर उजाला ऐप डाउनलोड करें, एकदम फ्री, ये ऑफर सीमित समय के लिए है।

अमर उजाला ई-पेपर डेली एक रुपये से भी कम, अभी सब्सक्राइब करें और अपने शहर की हर खबर, हर समय, हर डिवाइस पर पाएं ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed