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घर-घर खोजे जाएंगे बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चे
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अब शिक्षा से कोई भी बच्चा वंचित नहीं रहेगा। समग्र शिक्षा अभियान के तहत किन्हीं कारण से अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले बच्चों की पहचान की जाएगी। पांच से 14 वर्ष तक के आउट ऑफ स्कूल बच्चों के चिह्निकरण का अभियान ग्रीष्मावकाश के बाद दोबारा से शुरू किया जाएगा। सरकार की मंशा है कि बेसिक स्कूलों में छात्र नामांकन को बढ़ाने के साथ ऐसे बच्चाें को मुख्य धारा में जोड़ा जाए। चिह्नीकरण के बाद बच्चों का उनकी आयु के अनुसार नजदीकी स्कूल में नामांकन किया जाएगा।
जिले में पिछले साल बहुत से ऐसे बच्चे हैं जो किसी कारण स्कूल नहीं जाते या बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। शैक्षिक सत्र 2022-23 में ऐसे आउट ऑफ स्कूल बच्चों के चिन्हीकरण, पंजीकरण एवं नामांकन के लिए ‘शारदा’ कार्यक्रम संचालित किया जाता है। इसके तहत अध्यापक, शिक्षामित्र व अनुदेशकों द्वारा हाउस होल्ड सर्वे के माध्यम से दो चरण में चिन्हीकरण, पंजीकरण एवं नामांकन किया जाएगा। अभियान का पहला चरण नए सत्र की शुरुआत में चलाया गया था। वहीं दूसरा चरण जून माह से चलाया जाएगा। जिसमें स्कूल बंद होने के बाद जो बच्चे स्कूल नहीं आते है उन्हें दोबारा स्कूल में प्रवेश दिलाया जाएगा।
विकसित किया गया है पोर्टल
आउट ऑफ स्कूल बच्चों के चिन्हीकरण एवं नामांकन के लिए यूनिसेफ के सहयोग से शारदा पोर्टल व साफ्टवेयर विकसित किया गया है। शारदा पोर्टल पर समस्त डाटा विभाग के प्रेरणा पोर्टल पर समाहित किया जाता है। नामांकित आउट ऑफ स्कूल बच्चों को आयु के अनुसार कक्षा में नामांकित कर विशेष प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्कूल में ठहराव के साथ कौशल विकास का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। बीएसए राकेश सिंह ने बताया कि कई बच्चे किसी कारण से स्कूल छोड़ देते है। हाउस होल्ड सर्वे कराकर उन बच्चों को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद उनका नजदीकी स्कूल में नामांकन कराया जाएगा।
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जिले में पिछले साल बहुत से ऐसे बच्चे हैं जो किसी कारण स्कूल नहीं जाते या बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। शैक्षिक सत्र 2022-23 में ऐसे आउट ऑफ स्कूल बच्चों के चिन्हीकरण, पंजीकरण एवं नामांकन के लिए ‘शारदा’ कार्यक्रम संचालित किया जाता है। इसके तहत अध्यापक, शिक्षामित्र व अनुदेशकों द्वारा हाउस होल्ड सर्वे के माध्यम से दो चरण में चिन्हीकरण, पंजीकरण एवं नामांकन किया जाएगा। अभियान का पहला चरण नए सत्र की शुरुआत में चलाया गया था। वहीं दूसरा चरण जून माह से चलाया जाएगा। जिसमें स्कूल बंद होने के बाद जो बच्चे स्कूल नहीं आते है उन्हें दोबारा स्कूल में प्रवेश दिलाया जाएगा।
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विकसित किया गया है पोर्टल
आउट ऑफ स्कूल बच्चों के चिन्हीकरण एवं नामांकन के लिए यूनिसेफ के सहयोग से शारदा पोर्टल व साफ्टवेयर विकसित किया गया है। शारदा पोर्टल पर समस्त डाटा विभाग के प्रेरणा पोर्टल पर समाहित किया जाता है। नामांकित आउट ऑफ स्कूल बच्चों को आयु के अनुसार कक्षा में नामांकित कर विशेष प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्कूल में ठहराव के साथ कौशल विकास का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। बीएसए राकेश सिंह ने बताया कि कई बच्चे किसी कारण से स्कूल छोड़ देते है। हाउस होल्ड सर्वे कराकर उन बच्चों को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद उनका नजदीकी स्कूल में नामांकन कराया जाएगा।
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