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सिर्फ कानूनी माध्यम से नहीं रोका जा सकता है बाल विवाह

Thu, 23 Dec 2021 12:48 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 23 Dec 2021 12:48 AM IST
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Child marriage cannot be stopped only through legal means
जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा के विधि अध्ययन एवं शोध संस्थान के निदेशक प्रो. ओंकार नाथ तिवारी ने कहा कि बाल विवाह को सिर्फ कानूनी माध्यम से नहीं रोका जा सकता है, इसके लिए हमें समाज में जागरूकता के साथ-साथ बुनियादी आवश्यकताओं पर भी ध्यान देना होगा।
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वह बुधवार को डॉ. शंभुनाथ सिंह रिसर्च फाउंडेशन एवं चाइल्ड राइट्स एंड यू के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रस्तावित संशोधन एवं इसकी प्रस्तावित नियमावली पर आयोजित वेबिनार को संबोधित कर रहे थे। महिला कल्याण विभाग के उपनिदेशक पुनीत मिश्रा ने कहा कि प्रस्तावित नियमावली में बाल विवाह के सभी आयामों को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किए गए हैं, ताकि एक तरफ पीड़ित बच्चों को न्याय मिल सके। इस दौरान प्रो. कुमार स्कंद पांडेय, प्रो. मधु कुशवाहा, प्रमोद प्रधान, डॉ. लेनिन रघुवंशी, श्रुति नागवंशी, मो. रेहान, बेबी नाज, राजकुमार शर्मा, नरेश पारस आदि ने विचार व्यक्त किए।
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