बच्चा चोर गिरोह का भंडाफोड़: जितना सुंदर बच्चा उतना अधिक पैसा, अब तक 50 बच्चों को अगवा कर बेचा
वाराणसी के रवींद्रपुरी स्थित रामचंद्र शुक्ल चौराहे पर सड़क किनारे सो रहे परिवार के बीच से 14 मई की रात चार वर्ष के बच्चे का अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रविवार को बच्चा चोर गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया।
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बच्चों का अपहरण करके बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस ने रविवार को भंडाफोड़ किया। गिरोह के सदस्य गरीब परिवारों को निशाना बनाते थे। वह कहते थे कि इस तरह के परिवारों की शिकायत की थानों पर सुनवाई नहीं होती है। मामला तूल नहीं पकड़ता है। इस तरह के 50 से ज्यादा बच्चों का अपहरण करके बेचा जा चुका है।
पुलिस की गिरफ्त में आए बच्चा चोर गिरोह के संतोष ने कई राज उगले हैं। संतोष ने पुलिस को बताया कि उसके गिरोह के सदस्य सड़क किनारे, झुग्गी-झोपड़ियों और मलिन बस्तियों के परिवारों की रेकी करते हैं। रेकी के दौरान खूबसूरत बच्चे को चिह्नित करते हैं। इसके बाद मौका देख कर रात में परिवार के सदस्यों के सोने पर बच्चे का अपहरण करते हैं।
दो साल तक के बच्चों की अधिक मांग
संतोष ने पुलिस को बताया कि बच्चे के इच्छुक नि:संतान दंपती को बिहार, झारखंड और राजस्थान निवासी दलाल खोजते थे। सर्वाधिक मांग अधिकतम दो साल तक के बच्चों की रहती है। बच्चे के रंग और उसकी खूबसूरती के आधार पर उसकी कीमत दलालों के माध्यम से तय की जाती थी। सौदा तय हो जाने पर पैसा लेकर बच्चा इच्छुक दंपती को सौंप दिया जाता था।
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बच्चे को पहले रखा था बनारस में, फिर ले गया बाहर
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी संतोष गुप्ता ने पूछताछ में टूट गया। उसने ही पुलिस को बताया कि 14 मई की रात तीन बजे वह और सिंदुरिया पोखरी शिवदासपुर निवासी विनय कुमार मिश्रा चार वर्ष के बच्चे का अपहरण करके कार से ले गए थे। अपहरण के बाद बच्चे को सिंदुरिया पोखरी शिवदासपुर की रहने वाली अपनी सहयोगी शिखा मोदनवाल को सौंप दिया था।
इसी तरह और भी बच्चों का अपहरण किया गया। इसके बाद बच्चों को झारखंड के गिरीडीह निवासी महेश राणा व उसकी पत्नी सुनीता, हजारीबाग के मुकेश पंडित व उसकी पत्नी यशोदा देवी और कोडरमा के महेश राणा को सौंप दिया। संतोष ने बताया कि बच्चों के अपहरण में उसका बेटा शिवम गुप्ता भी शामिल रहता है।
जल्द होगा बड़ा खुलासा
पुलिस सूत्रों के अनुसार अब तक पांच बच्चे बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमों की दबिश जारी है। अलग-अलग राज्यों में जारी कार्रवाई पूरी होने के बाद अंतरराज्यीय गिरोह की करतूत का खुलासा किया जाएगा।