{"_id":"57bb5cf44f1c1bf53ed4ff6f","slug":"chief-secretary-took-stock-of-vishwanath-temple-entrances","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्ता द्वार की डिजाइन बनाकर भेजें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्ता द्वार की डिजाइन बनाकर भेजें
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 23 Aug 2016 01:43 AM IST
विज्ञापन
बाबा विश्वनाथ मंदिर
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के प्रमुख सचिव (धर्मार्थ कार्य) नवनीत सहगल ने सोमवार को काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रवेश द्वारों का मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने ज्ञानवापी मसजिद के नमाजियों और बाबा विश्वनाथ के दर्शनार्थियों के प्रवेश द्वार (छत्ता द्वार) की डिजाइन तैयार कर शासन को भिजवाने की हिदायत दी। प्रमुख सचिव ने मंदिर के विस्तार से जुड़ी परियोजनाओं का वस्तुस्थिति की भी जानकारी ली।
प्रमुख सचिव के साथ मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण और न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी ने दोपहर बाद विश्वनाथ मंदिर का मुआयना किया। बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने के बाद प्रमुख सचिव छत्ता द्वार पहुंचे।
वहां उन्हें बताया गया कि हाल में ही बारिश के दौरान जर्जर छत्ता द्वार का एक हिस्सा गिर गया था। इसके बाद सहमति के आधार पर छत्ता द्वार को गिरवा दिया गया है। प्रमुख सचिव ने प्रशासन को निर्देशित किया कि छत्ता द्वार की डिजाइन तैयार कराकर शासन को भिजवाई जाए।
विज्ञापन
उन्होंने ढुंढिराज गणेश प्वाइंट के अलावा सरस्वती फाटक का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि जर्जर होने की वजह से इस गली की भी छत तोड़ी जा चुकी है। इसका भी जल्द ही निर्माण शुरू कराया जाएगा। जर्जर सरस्वती फाटक मार्ग को भी फिलहाल बंद कर दिया गया है। इस द्वार से सिर्फ कर्मचारियों की ही आवाजाही होगी। दर्शनार्थियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
विज्ञापन
प्रमुख सचिव के साथ मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण और न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी ने दोपहर बाद विश्वनाथ मंदिर का मुआयना किया। बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने के बाद प्रमुख सचिव छत्ता द्वार पहुंचे।
विज्ञापन
वहां उन्हें बताया गया कि हाल में ही बारिश के दौरान जर्जर छत्ता द्वार का एक हिस्सा गिर गया था। इसके बाद सहमति के आधार पर छत्ता द्वार को गिरवा दिया गया है। प्रमुख सचिव ने प्रशासन को निर्देशित किया कि छत्ता द्वार की डिजाइन तैयार कराकर शासन को भिजवाई जाए।
विज्ञापन
उन्होंने ढुंढिराज गणेश प्वाइंट के अलावा सरस्वती फाटक का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि जर्जर होने की वजह से इस गली की भी छत तोड़ी जा चुकी है। इसका भी जल्द ही निर्माण शुरू कराया जाएगा। जर्जर सरस्वती फाटक मार्ग को भी फिलहाल बंद कर दिया गया है। इस द्वार से सिर्फ कर्मचारियों की ही आवाजाही होगी। दर्शनार्थियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।