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घर-घर जले यम के दीप, मनाई गई छोटी दीपावली
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नरक चतुर्दशी और छोटी दीपावली पर काशी दीपमालाओं की रौशनी से जगमग हो उठी। घरों के मुख्य द्वार, गलियां, चौराहे, तिराहे और गंगा घाट पर यम के दीप जलाए गए। इसके साथ ही रंग-बिरंगी रौशनी से पूरा शहर जगमग हो उठा। मकानों, प्रतिष्ठानों, मंदिर एवं कारखानों पर लटके बिजली के झालर तारों के सरीखे टिमटिमा रहे थे।
शुक्रवार को यम को प्रसन्न करने के लिए दीपदान किया गया। गृहणियों ने यम के निमित्त घर के मुख्य द्वार के बाहर और व्यापारियों ने प्रतिष्ठानों के बाहर दीपदान किया। जगह-जगह जले दीपक लोगों को लुभा रहे थे। मान्यता है कि इस संध्या पर दीपदान करने से यम प्रसन्न होते हैं। इससे अकाल मृत्यु का भय दूर होता है। छोटे-छोटे बच्चे रंग-बिरंगी रोशनी वाली फु लझड़ी छोड़ते नजर आए। मंदिरों में पूजन-अर्चन का सिलसिला भी चलता रहा।
अन्नपूर्णा मंदिर में शुक्रवार को भक्तों में खजाने का वितरण किया गया। दूसरे दिन सुबह से ही भक्तों की कतार मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए लगी रही। मंदिर के महंत रामेश्वर पुरी और उपमहंत शंकर पुरी ने भक्तों को मां अन्नपूर्णा का प्रसाद वितरित किया। भक्तों ने माता के स्वर्णमयी स्वरूप का दर्शन किया। 15 नवंबर तक मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन कर अन्न-धन का प्रसाद ग्रहण करेंगे। वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर स्थित अन्नपूर्णा मंदिर में भी मां के दर्शन को तांता लगा रहा। भीड़ इस कदर थी कि बांसफाटक तक लंबी लाइन लगी। भक्तों को मां का खजाना वितरित किया गया।
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शुक्रवार को यम को प्रसन्न करने के लिए दीपदान किया गया। गृहणियों ने यम के निमित्त घर के मुख्य द्वार के बाहर और व्यापारियों ने प्रतिष्ठानों के बाहर दीपदान किया। जगह-जगह जले दीपक लोगों को लुभा रहे थे। मान्यता है कि इस संध्या पर दीपदान करने से यम प्रसन्न होते हैं। इससे अकाल मृत्यु का भय दूर होता है। छोटे-छोटे बच्चे रंग-बिरंगी रोशनी वाली फु लझड़ी छोड़ते नजर आए। मंदिरों में पूजन-अर्चन का सिलसिला भी चलता रहा।
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अन्नपूर्णा मंदिर में शुक्रवार को भक्तों में खजाने का वितरण किया गया। दूसरे दिन सुबह से ही भक्तों की कतार मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए लगी रही। मंदिर के महंत रामेश्वर पुरी और उपमहंत शंकर पुरी ने भक्तों को मां अन्नपूर्णा का प्रसाद वितरित किया। भक्तों ने माता के स्वर्णमयी स्वरूप का दर्शन किया। 15 नवंबर तक मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन कर अन्न-धन का प्रसाद ग्रहण करेंगे। वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर स्थित अन्नपूर्णा मंदिर में भी मां के दर्शन को तांता लगा रहा। भीड़ इस कदर थी कि बांसफाटक तक लंबी लाइन लगी। भक्तों को मां का खजाना वितरित किया गया।
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