फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   chhath puja 2021 nahay khay in today varanasi vedi is ready at ghats of Kashi for lok aastha mahaparv

लोक आस्था का महापर्व छठः सूर्य उपासना के लिए काशी के घाटों पर वेदी तैयार, बाजार में खरीदारों की उमड़ी भीड़

Mon, 08 Nov 2021 12:35 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 08 Nov 2021 12:35 PM IST
सार

सूर्योपासना के डाला षष्ठी व्रत छठ की नहाय खाय के साथ ही आज से शुरूआत हो गई है। वाराणसी में गंगा-वरुणा तटों से कुंडों-सरोवरों तक बाजे-गाजे के बीच लोकोत्सव की अनूठी छटा निखरेगी।  

 

विज्ञापन
chhath puja 2021 nahay khay in today varanasi   vedi is ready at ghats of Kashi for lok aastha mahaparv
वेदी बनाने के बाद मां गंगा की पूजा करती महिलाएं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सूर्य उपासना का महापर्व छठ आज नहाय खाय के साथ आरंभ हो गया। काशी में व्रतियों ने गंगा घाटो और कुंडों-सरोवरों पर वेदी बनाकर जगह भी पक्की कर ली गई है। कोरोना के बाद आस्था की नगरी काशी एक बार फिर उत्साह, उमंग और उल्लास से इस पर्व को मनाने की तैयारी में है।

विज्ञापन


महापर्व छठ की संध्या पर काशी के सात किलोमीटर लंबे घाटों की श्रृंखला पर बुधवार शाम और गुरुवार की सुबह विहंगम नजारा देखने को मिलेगा। ढोल-नगाड़ों की थाप, आतिशबाजी और जगह-जगह मंगलगान होगा। वेदियों पर सर्व मंगल की कामना से जले अखंड दीपों की लौ जन-जन के तन-मन को प्रकाशमान करेगी। 
विज्ञापन


सूर्योपासना के डाला षष्ठी व्रत पर अस्ताचलगामी सूर्य और उगते सूर्य को अर्घ्यदान के लिए काशी में भारी भीड़ उमड़ती है। छठ को लेकर पूजन सामग्री की शहर में तमाम दुकानें पर खरीदारों की भीड़ है। रविवार को जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे  वैसे बाजार में खरीदारों की भीड़ बढ़ती गई। महिलाएं देर शाम तक घरों में साफ-सफाई करती रहीं, तो घाटों पर वेदी बनाकर जगह भी पक्की की गई। सोमवार सुबह से गंगा घाटों पर व्रतियों के आने का क्रम जारी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

पढ़ेंः 15 दिसंबर से पहले तैयार होगा काशी विश्वनाथ धाम, प्रधानमंत्री मोदी करेंगे लोकार्पण



इनकी होती रही खरीदारी
रविवार को छठ पूजा के लिए बाजारों में रौनक रही। महिलाओं ने कोसी, पीतल का सूप, बांस का सूप, दउरा, डगरा, गन्ना, नारियल सहित पूजा के हर छोटे-छोटे सामान की खरीदारी की। कपड़े की दुकानों पर साड़ियों की खरीदारी भी खूब हुई। शृंगार के दुकानों पर भी महिलाओं की भीड़ रही।

खरना मंगलवार को

chhath puja 2021 nahay khay in today varanasi   vedi is ready at ghats of Kashi for lok aastha mahaparv
वेदी की रंगाई - फोटो : अमर उजाला

दूसरे दिन कार्तिक शुक्ल पंचमी को व्रती महिलाएं दिनभर का उपवास रखने के बाद शाम को भोजन करती हैं। इसे खरना कहा जाता है। प्रसाद के रूप में गन्ने के रस से बने हुए चावल की खीर के साथ दूध, चावल का पिट्ठा और घी चुपड़ी रोटी बनाई जाती है।

सायंकाल अर्घ्य बुधवार को
तीन दिन कार्तिक शुक्ल षष्ठी को दिन में छठ प्रसाद बनाया जाता है। इसे ठेकुवा या टिकरी भी कहते हैं। इसके अलावा चढ़ावा के रूप में लाया गया सांचा और फल भी छठ प्रसाद के रूप में शामिल होता है। शाम को पूरी तैयारी और व्यवस्था कर बांस की टोकरी में अर्घ्य का सूप सजाया जाता है और व्रती महिलाएं अस्ताचलगामी सूर्य को जल और दूध का अर्घ्य देती हैं।
पढ़ेंः नागनथैया लीला आज: काशी में कालिया नाग के अहंकार का मर्दन करेंगे कान्हा, देंगे पर्यावरण स्वच्छता का संदेश

प्रात: अर्घ्य बृहस्पतिवार को

chhath puja 2021 nahay khay in today varanasi   vedi is ready at ghats of Kashi for lok aastha mahaparv
छठ पूजा के लिए बनाई जी रही वेदी - फोटो : अमर उजाला
चौथे दिन कार्तिक शुक्ल सप्तमी की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। व्रती महिलाएं पुन: उसी नदी, सरोवर और कुंड के किनारे एकत्र होती हैं। जहां उन्होंने शाम को अर्घ्य दिया था। पुन: पिछले शाम की प्रक्रिया की पुनरावृत्ति होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed