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इस एक खबर पर काशी से काठमांडू तक मचा हड़कंप, एक होने लगा नेपाली समुदाय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 27 Apr 2018 10:42 AM IST
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ललिता घाट का ऐतिहासिक पशुपति नाथ मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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धर्मनगरी काशी में कुछ ऐसा होने जा रहा है कि नेपाली समुदाय में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि अभी ऐसा कुछ तय नहीं हुआ है। दरअसल, श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर योजना के तहत ललिता घाट स्थित मंदिर के ध्वस्तीकरण की जानकारी से नेपाली समुदाय में हड़कंप मचा हुआ है। काशी से काठमांडू तक नेपाली समुदाय के लोग अपनी इस धरोहर की रक्षा के लिए एकजुट होने लगे हैं।
पढ़ेंः काशी में भारतीयों-नेपालियों की आस्था और मैत्री का प्रतीक खतरे में
स्थानीय स्तर पर नेपाली समिति ने पूरे मामले की रिपोर्ट विदेश मंत्रालय, राजदूत और नेपाली पीएम कार्यालय को भी भेज दी है। इसके अलावा इंग्लैंड के नेपाली समुदाय के लोग भी इस मामले में मदद के लिए आगे आ गए हैं।
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बुधवार को श्री साम्राज्येश्वर पशुपति नाथ महादेव मंदिर तथा धर्मशाला संचालक समिति के लोगों ने पशुपति नाथ मंदिर को लेकर विचार विमर्श किया। स्थानीय अधिकारियों ने नेपाल की इस संपत्ति के बारे में अपनी पूरी रिपोर्ट भेज दी है।
श्री साम्राज्येश्वर पशुपति नाथ महादेव मंदिर तथा धर्मशाला संचालक समिति के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. गोपाल प्रसाद अधिकारी, बीएचयू के चिकित्सक डॉ. विजय नाथ मिश्र, साउथ एशिया फाउंडेशन के जनरल सेक्रेटरी राहुल बरुआ आदि ने कहा कि अभियान चलाकर इस धरोहर को बचाने का प्रयास किया जाएगा।
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स्थानीय स्तर पर नेपाली समिति ने पूरे मामले की रिपोर्ट विदेश मंत्रालय, राजदूत और नेपाली पीएम कार्यालय को भी भेज दी है। इसके अलावा इंग्लैंड के नेपाली समुदाय के लोग भी इस मामले में मदद के लिए आगे आ गए हैं।
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बुधवार को श्री साम्राज्येश्वर पशुपति नाथ महादेव मंदिर तथा धर्मशाला संचालक समिति के लोगों ने पशुपति नाथ मंदिर को लेकर विचार विमर्श किया। स्थानीय अधिकारियों ने नेपाल की इस संपत्ति के बारे में अपनी पूरी रिपोर्ट भेज दी है।
श्री साम्राज्येश्वर पशुपति नाथ महादेव मंदिर तथा धर्मशाला संचालक समिति के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. गोपाल प्रसाद अधिकारी, बीएचयू के चिकित्सक डॉ. विजय नाथ मिश्र, साउथ एशिया फाउंडेशन के जनरल सेक्रेटरी राहुल बरुआ आदि ने कहा कि अभियान चलाकर इस धरोहर को बचाने का प्रयास किया जाएगा।
दुर्मुख विनायक और भारत माता मंदिर में पूजा हुई आरंभ
धरोहर समिति के सदस्यों ने ध्वस्त हुए मंदिरों के विग्रहों की पूजा आरंभ कर दी। सुमुख विनायक में ताला बंद होने और प्रमोद विनायक का विग्रह मलबे में दबे होने के कारण वहां पूजा नहीं हो सकी।
दो दिन पूर्व समिति के सदस्यों और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तरफ से जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर बताया गया था कि इन मंदिरों में दर्शन पूजन बंद है। समिति ने मांग की थी कि मंगलवार तक प्रशासन ने पूजन की व्यवस्था स्वयं शुरू नहीं की तो समिति बुधवार से पूजन शुरू कर देगी।
इसी क्रम में बुधवार को पूजन शुरू किया । दर्शन पूजन में श्री विद्या मठ के मयंक ब्रम्हचारी, रमेश उपाध्याय, राजेंद्र तिवारी, कृष्णकुमार शर्मा, महालक्ष्मी शुक्ला और अजय चौबे सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।
दो दिन पूर्व समिति के सदस्यों और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तरफ से जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर बताया गया था कि इन मंदिरों में दर्शन पूजन बंद है। समिति ने मांग की थी कि मंगलवार तक प्रशासन ने पूजन की व्यवस्था स्वयं शुरू नहीं की तो समिति बुधवार से पूजन शुरू कर देगी।
इसी क्रम में बुधवार को पूजन शुरू किया । दर्शन पूजन में श्री विद्या मठ के मयंक ब्रम्हचारी, रमेश उपाध्याय, राजेंद्र तिवारी, कृष्णकुमार शर्मा, महालक्ष्मी शुक्ला और अजय चौबे सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।