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काशी में भारतीयों-नेपालियों की आस्था और मैत्री का प्रतीक खतरे में

Tue, 24 Apr 2018 06:01 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Tue, 24 Apr 2018 06:01 PM IST
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Indo nepal relation is in danger at varanasi due to kashi vishwanth corridor
ललिता घाट का ऐतिहासिक पशुपति नाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला
श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर एवं गंगा पाथवे की जद में आने वाले भवनों, इमारतों, मंदिरों में ललिता घाट का ऐतिहासिक पशुपति नाथ मंदिर भी आ सकता है।हालांकि अभी योजना का ब्ल्यूप्रिंट सामने नहीं आया है लेकिन मंदिर के योजना के दायरे में आने की चर्चाओं से श्रद्धालु आहत हैं और विरोध का दौर भी शुरू हो गया है।
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काशी में रहने वाले नेपाली समुदाय के साथ ही आम श्रद्धालु चाहते हैं कि मंदिर के स्वरूप से किसी तरह की कोई छेड़छाड़ न किया जाए। 17 वीं सदी का यह मंदिर लाखों भारतीयों-नेपालियों की आस्था और मैत्री का प्रतीक है।
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17वीं सदी में नेपाल के तत्कालीन महाराजा ने इस मंदिर का निर्माण शुरू कराया था। मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ महादेव का अंश है और इसे नेपाली खजुराहो मंदिर के नाम से भी जाना जाता है।
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मंदिर के कॉरिडोर के दायरे में आने की चर्चाओं के बीच धरोहर बचाओ समिति ने प्रशासन के रवैए पर कड़ी नाराजगी जताई है। समिति का आरोप है कि प्राचीनतम नगरी काशी का जो आर्किटेक्ट है, उसे खत्म करने की साजिश रची जा रही है। उधर, नेपाली समुदाय भी आहत है। 

यह अनूठा स्मारक, सरकार संरक्षित करे  

Indo nepal relation is in danger at varanasi due to kashi vishwanth corridor
नेपाली समुदाय के राजेश थापा, नरेंद्र बहादुर, आनंद जोशी ने कहा कि यह मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। मंदिर के पुरातन स्वरूप से किसी तरह की छेड़छाड़ सहन नहीं की जाएगी। मंदिर के प्रबधंक रोहित ने बताया कि 1790 में इस मंदिर की आधारशिला रखी गई।

1850 में मंदिर बन कर तैयार हुआ, इसमें भगवान पशुपति नाथ जी की प्रतिमा की सविधि प्राण प्रतिष्ठा की गई, तभी से यहां पशुपति नाथ जी की पूजा अर्चना चल रही है।

काठमांडू के पशुपति नाथ मंदिर की तरह ही इसे बनाया गया है। मंदिर परिसर में ही धर्मशाला भी है। नेपाल में जब कभी राज परिवार (राणा परिवार) या कोइराला परिवार पर संकट आया वो लोग यहीं आकर रहे।

वहीं बीएचयू के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विजय नाथ मिश्र ने ललिता घाट स्थित पशुपति नाथ मंदिर को भारत-नैपाल मैत्री का अनूठा स्मारक बताते हुए इसके संरक्षण की मांग केंद्र और प्रदेश सरकार से की है। ललिता घाट का भ्रमण करने के दौरान उन्होंने कहा कि इसे भारत नेपाल मैत्री कॉरिडोर बना देना चाहिए। इससे दोनों देशों के संबंध और प्रगाढ़ होंगे। 
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