Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Chaitra Navratri 2023 How to establish Kalash, know auspicious time, worship method and importance

चैत्र नवरात्रि 2023: कैसे करें कलश की स्थापना, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और दुर्गा सप्तशती के पाठ का महत्व

Tue, 21 Mar 2023 10:32 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Tue, 21 Mar 2023 10:32 AM IST
सार

काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सदस्य पं. दीपक मालवीय के अनुसार कलश स्थापना के लिए पवित्र मिट्टी से वेदी का निर्माण करें। फिर उसमें जौ और गेहूं बोएं।

विज्ञापन
Chaitra Navratri 2023 How to establish Kalash, know auspicious time, worship method and importance
चैत्र नवरात्रि पर कलश स्थापना विधि और मुहूर्त - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ज्योतिषाचार्य विमल जैन के अनुसार नवरात्र में तीन सर्वाथ सिद्धियोग सहित कई महायोग निर्मित हो रहे हैं। कलश स्थापना का मुहूर्त सुबह 10:03 मिनट तक रहेगा। 22 मार्च को बुधवार होने के कारण अभिजीत मुहूर्त को त्याज्य बताया गया है। कलश लोहे या स्टील का नहीं होना चाहिए। काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सदस्य पं. दीपक मालवीय के अनुसार कलश स्थापना के लिए पवित्र मिट्टी से वेदी का निर्माण करें। फिर उसमें जौ और गेहूं बोएं। उस पर यथाशक्ति मिट्टी, तांबे या सोने का कलश स्थापित करें। यदि विधिवत करना हो तो गणेशाम्बिका, वरुण, षोडशमातृका, सप्तघृत मातृका, नवग्रह आदि देवों का पूजन और पुण्याहवाचन ब्राह्मण द्वारा कराएं या स्वयं करें। इसके बाद उसका षोडशोपचार पूजन करें। तदनंतर श्रीदुर्गासप्तशती का संपुट या साधारण पाठ भी करने की विधि है। पाठ की पूर्णाहुति के दिन दशांश हवन अथवा दशांश पाठ करना चाहिए।

विज्ञापन
कन्या पूजन

कुमारी पूजन नवरात्रि व्रत का अनिवार्य अंग है। कुमारिकाएं जगतजननी जगदंबा का प्रत्यक्ष विग्रह हैं। सामर्थ्य हो तो नौ दिन तक, अन्यथा सात, पांच, तीन या एक कन्या को देवी मानकर पूजा करके भोजन कराना चाहिए।

विज्ञापन

नवदुर्गा को करें अर्पित

प्रतिपदा- उड़द, हल्दी, माला-फूल

 

द्वितीया- तिल, शक्कर, चूड़ी, गुलाल शहद

 

तृतीया- लाल वस्त्र, शहद, खीर, काजल

 

चतुर्थ- दही, फल, सिंदूर, मसूर

 

पंचमी- दूध, मेवा, कमलपुष्प, बिंदी

 

षष्ठी- चुनरी, पताका, दूर्वा

 

सप्तमी- बताशा, इत्र, फल-पुष्प

 

अष्टमी- पूड़ी, पीली मिठाई, कमलगट्टा, चंदन, वस्त्र

 

नवमी- खीर, सुहाग सामग्री, साबुदाना, अक्षत फल, बताशा

 

 



 
Trending Videos

Chaitra Navratri 2023 How to establish Kalash, know auspicious time, worship method and importance
चैत्र नवरात्रि - फोटो : अमर उजाला
दुर्गासप्तशती के पाठ का फल

दुर्गासप्तशती के एक पाठ से फलसिद्धि, तीन पाठ से उपद्रव शांति, पांच पाठ से सर्वशांति, सात पाठ से भय मुक्ति, नौ पाठ से यज्ञ केसमान फल, 11 पाठ से राज्य की प्राप्ति, बारह पाठ से कार्यसिद्धि, चौदह पाठ से वशीकरण, पंद्रह पाठ से सुख-संपत्ति, सोलह पाठ से धन व पुत्र की प्राप्ति, सत्रह पाठ से राजभय व शत्रु रोग से मुक्ति, 20 पाठ से ग्रहदोष शांति और पच्चीस पाठ से बंधन मुक्ति।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed