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स्टेशन के कूड़े से बनेंगी कुर्सियां और टेबल
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कैंट रेलवे स्टेशन (वाराणसी जंक्शन) पर ट्रेनों और प्लेटफार्मों से निकलने वाले कूड़ों और दूषित हो चुके जल को जीरो वेस्ट प्रबंधन की योजना के तहत रिसाइकल कर दोबारा उपयोग में लाने की योजना जल्द ही मूर्त रूप लेने वाली है। इसके लिए स्टेशन प्रशासन की ओर से कवायद शुरू कर दी गई है। जिसके तहत गीले कूड़े से खाद और प्लास्टिक के कचरे से कुर्सियां और टेबल बनाए जाने की योजना है।
कूड़ों को मैटेरियल रिकवरी फैसेलिटी (एफआरएफ) तकनीक के तहत दो भागाें में बांटा जाएगा। जिसमें जैविक और अजैविक के रूप में अलग कर लिया जाएगा। गीले कूड़े से खाद और सूखे प्लास्टिक कूड़े से स्टेशन पर कुर्सियां और टेबल का निर्माण कराया जाएगा। इस योजना में जर्मन तकनीक का भी सहयोग लिया जाएगा। इससे कूड़ों का निस्तारण होने के साथ उसे दोबारा उपयोग में लाया जा सकेगा। जबकि दूषित जल के संचयन के बाद उसे रिसाइकल कर उपयोग में लाया जाएगा। मुख्यालय की ओर से योजना को स्वीकृत कर दिया गया है।
रेलवे ट्रैक के आसपास की जाएगी हरियाली
पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए कैंट रेलवे स्टेशन पर जापान की मियावाकी पद्धति से स्टेशन से लेकर फुलवरिया रेलवे फाटक तक रेलवे ट्रैक के आसपास पौधरोपण कर हरियाली की जाएगी। इसमें पौधरोपण के साथ उनके देखरेख का भी पूरा प्रबंध होगा।
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पानी रिसाइकल कर ट्रेनों की होगी धुलाई
पानी पीने से ज्यादा अन्य कार्यों में बर्बाद हो जाता है। जिससे जल की काफी मात्रा में दूषित हो जाता है। रेलवे प्रशासन द्वारा दूषित जल के संचयन और रिसाइकल करने के बाद उसे उपयोग में लाने योग्य बनाया जाएगा। जिससे ट्रेनों और प्लेटफर्मों की धुलाई आदि कार्य काया जा सकेगा।
जीरो वेस्ट प्रबंधन के तहत स्टेशन पर कूड़ों और उपयोग हो चुके पानी को रिसाइकल कर उसे दोबारा उपयोगी बनाने की योजना है। जो रेलवे मुख्यालय द्वारा प्रस्तावित है। इसे जल्द ही शुरू किया जाना है। - आनंद मोहन, निदेशक, कैंट रेलवे स्टेशन
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कूड़ों को मैटेरियल रिकवरी फैसेलिटी (एफआरएफ) तकनीक के तहत दो भागाें में बांटा जाएगा। जिसमें जैविक और अजैविक के रूप में अलग कर लिया जाएगा। गीले कूड़े से खाद और सूखे प्लास्टिक कूड़े से स्टेशन पर कुर्सियां और टेबल का निर्माण कराया जाएगा। इस योजना में जर्मन तकनीक का भी सहयोग लिया जाएगा। इससे कूड़ों का निस्तारण होने के साथ उसे दोबारा उपयोग में लाया जा सकेगा। जबकि दूषित जल के संचयन के बाद उसे रिसाइकल कर उपयोग में लाया जाएगा। मुख्यालय की ओर से योजना को स्वीकृत कर दिया गया है।
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रेलवे ट्रैक के आसपास की जाएगी हरियाली
पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए कैंट रेलवे स्टेशन पर जापान की मियावाकी पद्धति से स्टेशन से लेकर फुलवरिया रेलवे फाटक तक रेलवे ट्रैक के आसपास पौधरोपण कर हरियाली की जाएगी। इसमें पौधरोपण के साथ उनके देखरेख का भी पूरा प्रबंध होगा।
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पानी रिसाइकल कर ट्रेनों की होगी धुलाई
पानी पीने से ज्यादा अन्य कार्यों में बर्बाद हो जाता है। जिससे जल की काफी मात्रा में दूषित हो जाता है। रेलवे प्रशासन द्वारा दूषित जल के संचयन और रिसाइकल करने के बाद उसे उपयोग में लाने योग्य बनाया जाएगा। जिससे ट्रेनों और प्लेटफर्मों की धुलाई आदि कार्य काया जा सकेगा।
जीरो वेस्ट प्रबंधन के तहत स्टेशन पर कूड़ों और उपयोग हो चुके पानी को रिसाइकल कर उसे दोबारा उपयोगी बनाने की योजना है। जो रेलवे मुख्यालय द्वारा प्रस्तावित है। इसे जल्द ही शुरू किया जाना है। - आनंद मोहन, निदेशक, कैंट रेलवे स्टेशन