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सीबीआई के रडार पर रेलवे अधिकारी: व्हाट्सएप चैट से खुलेगा कमीशन का खेल, एक मोबाइल से दिन में 10 बार हुई बातचीत

Sat, 25 Jul 2026 10:15 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Sat, 25 Jul 2026 10:15 AM IST
सार

Varanasi News: सीनियर डीएमएम नितेश अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई उनके मोबाइल और लैपटॉप की जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो सीबीआई जांच में व्हाट्सएप पर अनजान नंबरों से बातचीत के साक्ष्य मिले हैं।

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CBI investigation of Senior DMM Nitesh Agarwal mobile phone and laptop in Varanasi
नितेश अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) वाराणसी मंडल के सीनियर डीएमएम नितेश अग्रवाल की गिरफ्तारी से गोरखपुर मुख्यालय तक खलबली मची है। सीबीआई को नितेश अग्रवाल के व्हाट्सएप चैट से कई अधिकारियों और ठेकेदारों से बातचीत के प्रमाण मिले हैं। इसमें कमीशन के लेन-देन का जिक्र किया गया है।सीबीआई ने नितेश अग्रवाल के मोबाइल और लैपटॉप की भी जांच की। 

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सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक व्हाट्सएप पर अनजान नंबरों से बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। एक मोबाइल नंबर से एक ही दिन में 10 बार व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिये बातचीत की गई है। एक क्लास-वन अधिकारी ने भी व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिये गिरफ्तार नितेश अग्रवाल से कई बार संपर्क किया। पूर्वोत्तर रेलवे का वाराणसी मंडल कमीशन के जाल से बाहर नहीं निकल पा रहा है। 
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इंजीनियरिंग विभाग में भ्रष्टाचार के ज्यादा आरोप लग रहे हैं। हाल ही में वाराणसी-छपरा रेलखंड के लिए जारी 20 करोड़ रुपये के टेंडर में क्लास-वन के एक अधिकारी पर एक प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगा था। आरोप था कि कमीशन नहीं देने पर टेंडर निरस्त करने की धमकी दी गई। तय कमीशन के बाद एक प्रतिशत अतिरिक्त कमीशन की मांग से ठेकेदारों में खलबली मच गई। मामला गोरखपुर मुख्यालय तक पहुंच गया। विजिलेंस टीम की टीम मामले की जांच कर रही है।

CBI investigation of Senior DMM Nitesh Agarwal mobile phone and laptop in Varanasi
डीआरएम ऑफिस में नितेश अग्रवाल का बंद ऑफिस। - फोटो : अमर उजाला
खामियों पर पर्दा, चहेती फर्मों को मिलता है काम
पूर्वोत्तर रेलवे में जब भी कोई नया अधिकारी आता है, तो वह अपने संपर्क के ठेकेदारों को काम दिलाता है। ठेकेदारों की खामियों पर पर्दा डालता है। बदले में संबंधित अधिकारी को लाभ पहुंचाया जाता है। आरोप है कि कुछ फर्मों की ओर से अधिकारियों को सोने-हीरे के आभूषण, गाड़ियां, आईफोन समेत अन्य महंगे उपहार दिए जाते हैं। 

सालभर में दूसरी कार्रवाई 
सीबीआई की सालभर के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। सूत्रों के मुताबिक नितेश अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ने सीपीआरओ से पूरे प्रकरण की जानकारी ली। डीआरएम कार्यालय के लगभग सभी कार्यालयों में सीबीआई के छापे और नितेश की गिरफ्तारी की चर्चा रही।

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डीआरएम कार्यालय वाराणसी - फोटो : अमर उजाला

बिना चढ़ावा के नहीं बैठती है 'चिड़िया'
पूर्वोत्तर रेलवे में कई ऐसे ठेकेदार हैं जिनका काम पूरा हो चुका है, लेकिन उनका बकाया भुगतान नहीं हो पा रहा है। ठेकेदारों का आरोप है कि बिल प्रस्तुत करने पर संबंधित विभाग के अधिकारी फाइल लंबित रखते हैं। विभाग के बाबू ठेकेदारों पर दबाव बनाते हैं कि जेब ढीली करने पर ही फाइल पर 'चिड़िया' बैठेगी। यानी हस्ताक्षर होंगे। आरोप है कि कुछ ठेकेदारों के बिल बिना काम के पास हो जाते हैं। कमीशन से रेलवे में कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित होती है। कई बार एक ही काम सालभर के भीतर दोबारा कराकर उसका अलग बिल भी पास कराया जाता है।

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डीआरएम कार्यालय वाराणसी - फोटो : अमर उजाला
रेल अधिकारी की पत्नी के बैंक खाते खंगाले, पति को छोड़ने की गुहार लगाई
रेल अधिकारी नितेश अग्रवाल की गिरफ्तारी के दौरान सीबीआई की टीम ने उनकी पत्नी के बैंक खातों की जांच की है। सूत्रों के मुताबिक बरेका स्थित सरकारी आवास पर जब सीबीआई की टीम पहुंची तो नितेश की पत्नी को लगा कि कोई ठेकेदार मिलने आया है। बाद में सीबीआई के आने की जानकारी मिली तो वह घबरा गई। उन्होंने पति को छोड़ने की गुहार लगाई। इसी बीच आवास से ढाई लाख रुपये नकद, फ्लैट और जमीन से संबंधित कुछ दस्तावेज बरामद हो गए। सीबीआई ने नितेश के अपराध की जानकारी दी और पत्नी को दूर जान के लिए कह दिया।
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