{"_id":"6a6431695b8467d3e90ab903","slug":"doctors-shared-their-views-on-blood-donation-at-amar-ujala-samvad-program-in-mau-2026-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"रक्तदान महादान: आपका एक कदम बचा सकता है किसी की जान, चिकित्सकों ने जानें- रक्तदान के लाभ और महत्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रक्तदान महादान: आपका एक कदम बचा सकता है किसी की जान, चिकित्सकों ने जानें- रक्तदान के लाभ और महत्व
Sat, 25 Jul 2026 09:16 AM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।
Published by: Pragati Chand
Updated Sat, 25 Jul 2026 09:16 AM IST
सार
Mau News: अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में रक्तदान पर चिकित्सकों ने अपनी राय रखी। उन्होंने रक्तदान के महत्वपूर्ण लाभ और महत्व के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
रक्तदान पर विशेषज्ञों ने रखी अपनी राय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। अमर उजाला द्वारा बृहस्पतिवार को जिला महिला अस्पताल में आयोजित संवाद कार्यक्रम चिकित्सकों ने एक मंच पर आकर रक्तदान के महत्व, इससे जुड़ी भ्रांतियों और समाज पर इसके सकारात्मक प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की।
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल के डॉ. नीलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव महिलाओं की मृत्यु का एक बड़ा कारण बनता है। सही समय पर मिला एक यूनिट रक्त किसी मां और उसके नवजात शिशु को नई जिंदगी दे सकता है। वहीं वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. परवेज अख्तर ने रक्तदान करने से शरीर में किसी भी प्रकार की कमजोरी नहीं आती, बल्कि नया खून बनने की प्रक्रिया तेज होती है। स्वस्थ व्यक्ति को वर्ष में कम से कम दो बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए।
विज्ञापन
संवाद कार्यक्रम में डा. ताहिर अली ने कहा कि दुर्घटनाओं और आपातकालीन स्थितियों में रक्त की तत्काल आवश्यकता होती है। यदि हमारे पास पर्याप्त ब्लड बैंक स्टॉक हो, तो हम कई असमय होने वाली मौतों को रोक सकते हैं। वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. माया राय ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है क्योंकि इसे किसी लैब में बनाया नहीं जा सकता। यह सिर्फ एक इंसान द्वारा दूसरे इंसान को दिया गया जीवनदान है।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें; BHU: बीए-एलएलबी के लिए एससी-एसटी को 40% अंक जरूरी, 48 घंटे में बंद होगा यूजी रजिस्ट्रेशन
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कंचन लता आजाद ने कहा कि महिलाओं को भी रक्तदान के प्रति जागरूक होना चाहिए। अगर उनका हीमोग्लोबिन स्तर और स्वास्थ्य ठीक है, तो वे भी बेझिझक रक्तदान कर दूसरों की मदद कर सकती हैं। डॉ. स्वाती गुप्ता ने कहा कि नियमित रक्तदान करने से दिल की बीमारियों और आयरन ओवरलोड का खतरा कम होता है। यह रक्तदाता के खुद के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है। संवाद कार्यक्रम में डॉ. प्रकाश चंद्र झा ने कहा कि युवाओं को रक्तदान को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए।