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सोनभद्र में बालू साइट पर बवाल, गांव में अब भी तनाव, भाजपा सांसद पुत्र के खिलाफ मुकदमा
Fri, 11 Jan 2019 10:52 AM IST
utpal utpal
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: utpal utpal
Updated Fri, 11 Jan 2019 10:52 AM IST
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गांव में तीन प्लाटून पीएसी और पुलिस बल तैनात
- फोटो : amar ujala
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सोनभद्र जिले के बरहमोरी बालू साइट पर मारपीट, आगजनी के मामले में बुधवार की रात पुलिस ने 15 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। दूसरे पक्ष ने सत्तारूढ़ दल के सांसद पुत्र के खिलाफ केस दर्ज कराया है। गांव में तीन प्लाटून पीएसी और पुलिस बल तैनात किया गया है। दहशत के चलते अधिकांश लोगों ने गांव छोड़ दिया है। ग्रामीणों को उकसाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।
कोन थानाक्षेत्र के रोगही गांव के पास मंगलवार रात और बुधवार सुबह साइट संचालक के कारिदों के बीच मारपीट के बाद बवाल हो गया था। बालू साइट के ऑफिस पर पथराव और आठ वाहनों में आग लगा दी गई थी। इस दौरान नौ लोगों को चोट आई थी। घटना के बाद प्रवीण कुमार फर्म के साइट इंचार्ज रुकमानंद सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि मंगलवार की रात में पांच लोग ऑफिस पर पहुंचे और डेढ़ लाख रुपये की मांग की।
उनका कहना था कि अगर काम करना है तो रुपये देने ही होंगे। उन लोगों ने इसकी सूचना 100 नंबर और थाना प्रभारी को दी। थोड़ी देर में कोन थाने से पुलिस आई तो वह लोग जा चुके थे। बुधवार की सुबह करीब 50 लोग बालू साइट पर पहुंचे और गाली गलौज, मारपीट शुरू कर दी। कुछ लोग फायर करने लगे। एक गोली अमन प्रताप के पैर में लगी । इस दौरान गाड़ियों में गमछा जलाकर आग लगा दी। जाते समय दो झोलों में रखे नौ लाख रुपये रखे लूट ले गए।
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पुलिस ने इस मामले में विनय, संजय पासवान, छप्पन चेरो, मनोज, धर्मेंद्र मल्लाह, मिथलेस, सतीश, सुरेश निषाद, चंद्रशेखर जायसवाल, सुनील, मोती लाल गोड़, अशोक कन्नौजिया, मन्नू चौबे, रितेश जायसवाल और 50 अज्ञात के खिलाफ बलवा, आगजनी, हत्या के प्रयास, लूट और मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
वहीं दूसरे पक्ष से कोन पुलिस ने सलैयाडीह निवासी विजय शर्मा की तहरीर पर प्रताप सिंह के खिलाफ मारपीट की एनसीआर दर्ज की है। विजय का कहना है कि वह प्रताप सिंह के यहां नाई का काम करता था। वहीं प्रताप का कहना है कि उसने गांव वालों के साथ मिलकर हमला करवाया है। प्रताप सत्तारूढ़ दल के एक सांसद का पुत्र बताया जाता है।
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कोन थानाक्षेत्र के रोगही गांव के पास मंगलवार रात और बुधवार सुबह साइट संचालक के कारिदों के बीच मारपीट के बाद बवाल हो गया था। बालू साइट के ऑफिस पर पथराव और आठ वाहनों में आग लगा दी गई थी। इस दौरान नौ लोगों को चोट आई थी। घटना के बाद प्रवीण कुमार फर्म के साइट इंचार्ज रुकमानंद सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि मंगलवार की रात में पांच लोग ऑफिस पर पहुंचे और डेढ़ लाख रुपये की मांग की।
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उनका कहना था कि अगर काम करना है तो रुपये देने ही होंगे। उन लोगों ने इसकी सूचना 100 नंबर और थाना प्रभारी को दी। थोड़ी देर में कोन थाने से पुलिस आई तो वह लोग जा चुके थे। बुधवार की सुबह करीब 50 लोग बालू साइट पर पहुंचे और गाली गलौज, मारपीट शुरू कर दी। कुछ लोग फायर करने लगे। एक गोली अमन प्रताप के पैर में लगी । इस दौरान गाड़ियों में गमछा जलाकर आग लगा दी। जाते समय दो झोलों में रखे नौ लाख रुपये रखे लूट ले गए।
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पुलिस ने इस मामले में विनय, संजय पासवान, छप्पन चेरो, मनोज, धर्मेंद्र मल्लाह, मिथलेस, सतीश, सुरेश निषाद, चंद्रशेखर जायसवाल, सुनील, मोती लाल गोड़, अशोक कन्नौजिया, मन्नू चौबे, रितेश जायसवाल और 50 अज्ञात के खिलाफ बलवा, आगजनी, हत्या के प्रयास, लूट और मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
वहीं दूसरे पक्ष से कोन पुलिस ने सलैयाडीह निवासी विजय शर्मा की तहरीर पर प्रताप सिंह के खिलाफ मारपीट की एनसीआर दर्ज की है। विजय का कहना है कि वह प्रताप सिंह के यहां नाई का काम करता था। वहीं प्रताप का कहना है कि उसने गांव वालों के साथ मिलकर हमला करवाया है। प्रताप सत्तारूढ़ दल के एक सांसद का पुत्र बताया जाता है।
तनाव बन सकता है बड़ी घटना की वजह
हाल के दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं से पुलिस सबक नहीं ले सकी। बालू साइट के कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच कई बार हो चुके विवाद के बाद भी पुलिस की सुस्ती से बुधवार को नया बवाल हो गया। आगजनी हुई, फायरिंग हुई और खूनी संघर्ष हुआ लेकिन अब भी विवाद जहां का तहां है। गांव में तनाव है और यह तनाव फिर किसी घटना की वजह बन सकता है।
जिले में आए दिन कोई न कोई वारदात होती रहती है लेकिन पुलिस इन घटनाओं से सबक नहीं ले पा रही है। कोन थाना क्षेत्र के बरहमोरी बालू साइट पर पूर्व में हुए विवाद में मारपीट की घटना के साथ ही बाइक भी फूंक दी गई थी। तब पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कार्रवाई तो कर दी लेकिन उससे कोई सबक नहीं लिया। अंदर ही अंदर बालू साइट कंपनी के संचालकों और ग्रामीणों के बीच तनाव की स्थिति बनी रही।
मंगलवार की रात छेड़खानी और आलू के खेत में ट्रक जाने को लेकर मारपीट की चर्चा और फिर बुधवार की सुबह ग्रामीणों के आक्रामक होने से बड़ी घटना हो गई। एक बार फिर मौके पर फोर्स तैनात कर दी गई है और गांव में तनाव की स्थिति है लेकिन सवाल उठना लाजिमी है कि आखिरकार पुलिस इस बार की घटना से सबक लेगी या फिर जस की तस स्थिति होगी।
बरहमोरी बालू साइट पर हुए खूनी संघर्ष के दौरान ठेकेदार के कैंप में रखे खाने के सामान के साथ ही गैस सिलिंडर बिखर गया था। यहां कार, बाइक में आग लगाए जाने से स्थिति भयावह हो गई थी। यह तो संयोग ही था कि खनन साइट कार्यालय के बाहर गिरे गैस सिलिंडर में आग नहीं लगी, वरना और भी बड़ी घटना हो सकती थी।
जिले में आए दिन कोई न कोई वारदात होती रहती है लेकिन पुलिस इन घटनाओं से सबक नहीं ले पा रही है। कोन थाना क्षेत्र के बरहमोरी बालू साइट पर पूर्व में हुए विवाद में मारपीट की घटना के साथ ही बाइक भी फूंक दी गई थी। तब पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कार्रवाई तो कर दी लेकिन उससे कोई सबक नहीं लिया। अंदर ही अंदर बालू साइट कंपनी के संचालकों और ग्रामीणों के बीच तनाव की स्थिति बनी रही।
मंगलवार की रात छेड़खानी और आलू के खेत में ट्रक जाने को लेकर मारपीट की चर्चा और फिर बुधवार की सुबह ग्रामीणों के आक्रामक होने से बड़ी घटना हो गई। एक बार फिर मौके पर फोर्स तैनात कर दी गई है और गांव में तनाव की स्थिति है लेकिन सवाल उठना लाजिमी है कि आखिरकार पुलिस इस बार की घटना से सबक लेगी या फिर जस की तस स्थिति होगी।
बरहमोरी बालू साइट पर हुए खूनी संघर्ष के दौरान ठेकेदार के कैंप में रखे खाने के सामान के साथ ही गैस सिलिंडर बिखर गया था। यहां कार, बाइक में आग लगाए जाने से स्थिति भयावह हो गई थी। यह तो संयोग ही था कि खनन साइट कार्यालय के बाहर गिरे गैस सिलिंडर में आग नहीं लगी, वरना और भी बड़ी घटना हो सकती थी।
पहले भी कानून व्यवस्था को दे चुके हैं चुनौती
कोन थाना क्षेत्र में पूर्व में भी कई बार कानून व्यवस्था को चुनौती दी चुकी है। बरहमोरी बालू साइट पर ही कई माह पूर्व एक बाइक फूंक दी गई थी। तब भी पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन इस घटना को पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। पूर्व के वर्षों में कोन थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था को हाथ में लेने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। वर्ष 2011 में रोरवा में एक एसडीएम और सीओ के साथ मारपीट का मामला भी हो चुका है। वहां भी पुलिस बैकफुट पर आ गई थी।
बरहमोरी बालू साइट पर आगजनी और मारपीट की घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस लोगों को समझाती रही लेकिन डंडे से लैस महिलाएं आरोप लगाती रहीं। महिलाओं ने छेड़खानी, मारने-पीटने, खेत को बर्बाद करने जैसे कई तरह के आरोप लगाए। एक महिला का आरोप था कि बालू साइट से जुड़ा एक व्यक्ति गांव में एक महिला को छेड़ रहा था।
महिला के भाई ने यह देख उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद छेड़ने वालों ने भी मौके पर पहुंचकर पिटाई की। फिर बुधवार की सुबह इसको लेकर विवाद हुआ। आरोप लगाया कि सड़क मरम्मत कराने के नाम पर ठेकेदार गोली मारने की धमकी देता है और पुलिस भी ग्रामीणों की बात नहीं सुनती।
महिला के भाई ने यह देख उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद छेड़ने वालों ने भी मौके पर पहुंचकर पिटाई की। फिर बुधवार की सुबह इसको लेकर विवाद हुआ। आरोप लगाया कि सड़क मरम्मत कराने के नाम पर ठेकेदार गोली मारने की धमकी देता है और पुलिस भी ग्रामीणों की बात नहीं सुनती।