बीएचयू के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर, उनकी पत्नी और दो बेटों के खिलाफ मुकदमा, जानें क्या है मामला
बीएचयू के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर व मणिपुर विश्वविद्यालय के निलंबित कुलपति डॉ. आद्या प्रसाद पांडेय, उनकी पत्नी भाजपा की पूर्व एमएलसी डॉ. वीणा पांडेय और उनके बेटों डॉ. शिवेश पांडेय व डॉ. निलेश पांडेय के खिलाफ वाराणसी के लंका थाने में दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और धमकाने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई डॉ. शिवेश की पत्नी नेहा पांडेय की तहरीर के आधार पर की गई है।
लंका थाना के सामने घाट क्षेत्र की मारुति नगर कॉलोनी की नेहा पांडेय के अनुसार, उनका विवाह 18 फरवरी 2014 को बीएचयू परिसर स्थित अरविंदो कॉलोनी में रहने वाले प्रो. आद्या प्रसाद पांडेय के बेटे शिवेश के साथ हुआ था। शादी के समय सास डॉ. वीणा पांडेय ने 25 लाख रुपये की गाड़ी अपने बड़े बेटे के लिए और छोटे बेटे के लिए पल्सर बाइक की मांग की थी।
इस पर उनके पिता ने 10 लाख नगद और शाइन बाइक दी थी। इससे नाराज होकर उनकी सास उन्हें प्रताड़ित करने लगीं। इसके साथ ही शादी में उनके पिता द्वारा दिए गए अन्य सामान को भी खराब ब्रांड का बताकर बदलवाने का दबाव बनाने लगीं। इस दौरान लगातार प्रताड़ना की वजह से दो बार उनका गर्भपात हो गया।
नेहा के अनुसार, तीसरी बार गर्भवती होने पर वह अपने मायके चली गईं। मायके जाते समय सास ने कहा कि बेटी पैदा होगी तो वापस ससुराल मत आना। बेटे के पैदा होने के बाद वह ससुराल वापस आईं तो पति, देवर और सास-ससुर ने फिर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
लगातार तलाक देने और शिवेश की दूसरी शादी कराने की बात की जाती थी। इसके साथ ही तबीयत खराब होने पर खाना नहीं दिया जाता था। इन सबसे परेशान होकर वह फिर अपने मायके चली गईं। इसके साथ ही ससुराल के लोगों की प्रताड़ना के संबंध में वह लंका थाने और एसएसपी के यहां शिकायत की थी।
सात दिसंबर को वह मायके से अपने बेटे के साथ ससुराल आईं तो उनके देवर ने गार्ड को थप्पड़ मार कर उनको घर से बाहर निकालने के लिए कहा। वह न्याय की आस में पति के घर के मेन गेट के बाहर बैठ गईं।
सूचना पाकर लंका इंस्पेक्टर मौके पर आए और उन्होंने न्याय दिलाने का आश्वासन दिया तो वह वापस अपने मायके चली गईं। इस संबंध में लंका इंस्पेक्टर महेश पांडेय ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।