पाकिस्तान से आई कॉल: ज्ञानवापी मामले में वाद मित्र को जान से मारने की धमकी, सिर कटी हुई तस्वीर भी भेजी
प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ की ओर से अदालत में मुकदमा दायर करने वाले हरिहर पांडेय को परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी गई है।
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ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़े एक और व्यक्ति को फोन पर पाकिस्तान से धमकी मिली है। ज्ञानवापी मामले में वाद मित्र हरिहर पांडेय को बुधवार सुबह 8 से 9 बजे के बीच धमकी के बाद व्हाट्सएप नंबर पर सिर कटी हुई तस्वीर भेजी गई। हरिहर पांडेय ने लक्सा थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। लक्सा पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम धमकी भरे नंबर को ट्रेस कर रही है।
प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ की ओर से अदालत में मुकदमा दायर करने वाले औरंगाबाद निवासी हरिहर पांडेय के अनुसार सुबह आठ बजे उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल उठाते ही ज्ञानवापी मस्जिद प्रकरण में बात करते हुए युवक ने कहा कि तुम्हारा ही नहीं पूरे परिवार का काम तमाम जल्द करूंगा। इसके बाद व्हाट्सएप नंबर पर कटे हुए सिर की तस्वीर आई। लक्सा थानाध्यक्ष अनिल कुमार साहू ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर धमकी भरे नंबर को ट्रेस कराया जा रहा है।
चार माह पूर्व भी मिली थी धमकी
हरिहर पांडेय के अनुसार चार माह पूर्व भी धमकी मिली थी। 8 अप्रैल 2021 को वाराणसी की सिविल कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर के पुरातात्विक सर्वेक्षण का आदेश दिया था। उसी दिन देर शाम उनके मोबाइल पर एक कॉल आई थी। फोन करने वाले ने खुद को दालमंडी निवासी यासीन बताया था।
उसका कहना था कि पांडेय जी मुकदमे में आपने आदेश तो करा लिया है लेकिन एएसआई वाले ज्ञानवापी में घुस नहीं पाएंगे। आप और आपके सहयोगी मारे जाएंगे। नौ अप्रैल को उन्होंने इस धमकी की शिकायत पुलिस से की तो उन्हें सरकारी सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। हालांकि अब पुलिस ने सरकारी सुरक्षा भी हटा ली है। इस वजह से वह खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं।
मुकदमे के पक्षकार के तौर पर हैं हरिहर पांडेय
हरिहर पांडेय के अनुसार प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लॉर्ड विशेश्वरनाथ की ओर से पंडित सोमनाथ व्यास, रामरंग शर्मा और उन्होंने बतौर वादी वर्ष 1991 में सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। अदालत में मुकदमा दायर होने के कुछ वर्ष बाद पंडित सोमनाथ व्यास और रामरंग शर्मा की मौत हो गई थी। अब वही इस मुकदमे के पक्षकार के तौर पर बचे हुए हैं।