वाराणसी: हकीकत से अनजान, अफवाहों से परेशान, तरह-तरह की अफवाह से लोग डरे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार ने नोटिस जारी कर दिया है... नोटिस घर पहुंचेगा तो पहले हमें हमारे पुरखों के शहर और फिर देश से बाहर कर दिया जाएगा...। यह कहते हुए बजरडीहा के शोएब अख्तर अपने करीबियों के साथ खासे चिंतित दिखे। नूरूल हक ने कहा कि हम सबको देश से बाहर करना है... इसके लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी नए-नए रास्ते खोज रहे हैं...। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर कुछ इसी तरह की अफवाहों से शनिवार को बजरडीहा क्षेत्र के लोग नाहक ही परेशान दिखे। जब उन्हें बताया गया कि यह कानून किसी को देश से बाहर भगाने के लिए नहीं बल्कि तीन चिह्नित देशों के लोगों को नागरिकता देने के लिए बना है तो उनका कहना था कि आपकी जितनी उम्र नहीं है, उससे ज्यादा हमारा तजुर्बा है। हमें यह मत बताओ कि क्या सही और क्या गलत है।
बजरडीहा क्षेत्र में शुक्रवार को पथराव, लाठीचार्ज और भगदड़ को लेकर स्थानीय लोगों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। वहीं, नागरिकता संशोधन कानून के बारे में पढ़े, जाने और समझे बगैर अफवाहों के चक्कर में आकर लोग अपने आगे किसी की कुछ भी सुनने को तैयार ही नहीं हैं। चाहे बुजुर्ग अब्दुल रशीद हों या व्यापारी जब्बार कुरैशी हों, सभी को एक ही बात का भय है कि अब उनकी बस्ती उजाड़ कर उनके घर ढहा दिए जाएंगे और देश से भगा दिया जाएगा।
इस संबंध में एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि तरह-तरह की अफवाहों के चक्कर में आकर लोग अनावश्यक परेशान हैं। जल्द ही मुस्लिम बहुल इलाकों में पंफलेट, हैंडबिल और हैंडबुक वितरित करा कर नागरिकता संशोधन कानून से संबंधित भ्रांतियों को दूर किया जाएगा। सभी से अपील है कि वह अफवाहों के चक्कर में न आएं।
भ्रांतियों और अफवाहों को दूर करेंगे मजिस्ट्रेट
नागरिकता संशोधन कानून के संबंध में व्याप्त भ्रांतियों और अफवाहों को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेटों की टीम लगाई है। यह मजिस्ट्रेट चिह्नित क्षेत्रों में जाकर लोगों के साथ बैठकें करके और उन्हें नागरिकता संशोधन कानून के बारे में बता रहे हैं।
इसके साथ ही मजिस्ट्रेट यह भी बता रहे हैं कि इस कानून को लेकर किस-किस तरह की अफवाहें फैला कर लोगों को उकसा कर माहौल बिगाड़ा जा रहा है। इस काम में जिला प्रशासन धर्माचार्यों और पढ़े-लिखे संभ्रांत लोगों की भी मदद ले रहा है।