Varanasi Serial Blast: संकट मोचन मंदिर में ब्लास्ट का चंदौली से जुड़ा था कनेक्शन, आज तक पकड़ में नहीं आया आरोपी
संकट मोचन मंदिर ब्लास्ट के दोषी वलीउल्लाह को गाजियाबाद कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। डेढ़ दशक पहले संकट मोचन मंदिर और 15 मिनट बाद कैंट स्टेशन पर बम धमाके में 18 लोगों की मौत हो गई थी।
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सात मार्च 2006 को संकट मोचन मंदिर में बम ब्लास्ट कर काशी को दहलाने में वलीउल्लाह के साथ शमीम का भी हाथ था। कुल चार आतंकियों का नाम सामने आया था। बम धमाके में पहली बार चंदौली कनेक्शन जुड़ा था। चंदौली के अलीनगर थाना अंतर्गत झांसी लौंदा गांव निवासी शमीम का नाम सामने आने के बाद सीबीसीआईडी, एटीएस और एसटीएफ सहित केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी तलाश में अब तक सैकड़ों बार दबिश दी, लेकिन वह आज तक पकड़ में नहीं आया।
शमीम के साथ बांग्लादेश का रहने वाला मुस्तकीम, जकारिया भी दहशत फैलाने वालों में शामिल हैं। वलीउल्लाह, आतंकी संगठन हूजी के कमांडर शमीम सहित चार आतंकियों ने सिलसिलेवार बम धमाके को अंजाम दिया था। तब से अब तक शमीम के गांव में उसके प्रति लोगों में नफरत है।
बम धमाके में 18 लोगों की हुई थी मौत
सोमवार को संकट मोचन मंदिर ब्लास्ट के दोषी वलीउल्लाह को गाजियाबाद कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। डेढ़ दशक पहले संकट मोचन मंदिर और 15 मिनट बाद कैंट स्टेशन पर बम धमाके में 18 लोगों की मौत हो गई थी। वलीउल्लाह के प्रयागराज से पकड़े जाने के बाद पता चला कि धमाके में चंदौली का शमीम भी शामिल था। यूपी एटीएस के अधिकारियों के अनुसार, उस घटना के बाद से शमीम की कोई लोकेशन नहीं मिली। वह मुस्तकीम, जकारिया के साथ बांग्लादेश भाग निकला था, तफ्तीश में यह बात सामने आई थी।
ब्लास्ट के बाद से ही संकटमोचन मंदिर में होने वाली शादियों पर लगी रोक
संकटमोचन ब्लास्ट के बाद से ही मंदिर में अब शादियां नहीं होती हैं। सात मार्च 2006 को मंगलवार का दिन था। उस समय संकटमोचन मंदिर में शादियां हो रही थी। यही नहीं वहां पर यज्ञ व हवन पूजन चल रहा था। बम ब्लास्ट के बाद से मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा कारणों से यहां होने वाली शादियों पर रोक लगा दी है।
जिस समय ब्लास्ट हुआ था उस समय फोटोग्राफर हरीश बिजलानी शादी की फोटो खींच रहे थे। ब्लास्ट में उनकी मौत हो गई थी। ब्लास्ट के पहले तक यहां शादी विवाह से जुड़े कई आयोजन होते थे। आर्थिक रूप से कमजोर लोग इसी मंदिर में भगवान को साक्षी मानकर शादियां करते थे। जब से इस मंदिर में शादियों पर रोक लगी है, तब से लोग आस पास के दूसरे मंदिरों में जाकर शादी समारोह करते हैं। मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने बताया कि बम विस्फोट के बाद सुरक्षा कारणों को देखते हुए यहां शादियों पर प्रतिबंध लगा है।