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काले धन के साथ सामने आया काला मन ः प्रधानमंत्री
ब्यूरो, अमर उजाला/वाराणसी
Updated Fri, 23 Dec 2016 02:22 AM IST
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बीएचयू में संबोधित करते प्रधानमंत्री मोदी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काले धन की सफाई के अभियान में बाधक बन रहे विपक्ष और खासतौर पर कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने नोटबंदी के फैसले पर संसद में मच रहे शोर से लेकर कांग्रेस नेताओं के हमले का एक-एक कर जवाब दिया। संसद में विपक्ष के शोर की तुलना उन्होंने जेबकतरों के उन साथियों से की, जो जेब काटने वाले को भगाने के लिए उल्टी दिशा में चोर के भागने का हल्ला मचाकर पुलिस का ध्यान बंटा देते हैं। पीएम ने बताया कि नोटबंदी का फैसला लेने के लिए दिमाग खपाते वक्त उन्हें अंदाज नहीं हो पाया था कि कुछ नेता और राजनीतिक दल बेईमानों के साथ खड़े हो जाएंगे। उनके कदम से काला धन के साथ ऐसे लोगों का काला मन भी सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि काशी के आशीर्वाद और बाबा विश्वनाथ की शक्ति से मैंने देश में काले धन और भ्रष्टाचार से लड़ने का संकल्प लिया है। अभियान को हर हाल में पूरा किया जाएगा।
प्रधानमंत्री गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे थे। इस दौरान पहले वह बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव में शामिल हुए और बाद में डीरेका में पार्टी के बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। संस्कृति महोत्सव के जरिए उन्होंने बुद्धिजीवियों और युवाओं से नोटबंदी के लिए समर्थन मांगा। वहीं डीरेका में उन्होंने नोटबंदी के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में उपजी हताशा को दूर करने के लिए सीख दी।
प्रधानमंत्री पूरी तरह से राजनीतिक रंग में थे। बोले, आजकल देश में एक बड़ा सफाई अभियान चल रहा है। नोटबंदी का प्रसंग आते ही तालियों की गड़गड़ाहट के साथ हर हर महादेव का उद्घोष होने लगा। पीएम ने कहा कि जहां गंदगी का बड़ा ढेर हो और आप वहां से गुजरते हों तो दुर्गंध आती है। बार-बार गुजरते हैं तो उस दुर्गंध को सहने की आदत कसी हो जाती है। लेकिन जब उस जगह की सफाई करते हैं तो दुर्गंध इतनी ज्यादा महसूस होती है कि वहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है। आजकल आप देख रहे हैं कि दुर्गंध कितनी ज्यादा महसूस हो रही है। इसके निहितार्थों की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर गंदगी का ढेर कहीं से साफ हो जाता है तो मन करने लगता है कि वहां सुंदर बगीचा बना दिया जाए।
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उन्होंने संसद में मच रहे शोर पर चुटकी लेते हुए उदाहरण दिए। कहा, पाकिस्तान को जब घुसपैठ करनी होती है तब वह सीमा पर फायरिंग शुरू कर देता है। फोर्स का ध्यान बंट जाता है और फिर घुसपैठ हो जाती है। इन दिनों संसद में जो हो-हल्ला हो रहा है, उसका मकसद बेईमानों को बचाने का है। राजनीतिक दल ये काम कर रहे हैं। उन्होंने जनता की परेशानियों को भी स्वीकारा। कहा कि मुझे मालूम है, जनता को बहुत कष्ट हो रहा है लेकिन इमानदारी के रास्ते पर चलकर यह कष्ट दूर हो जाएगा। इस दौर में कष्ट झेलने वाली देश की जनता नमन करने योग्य है। आने वाले दिनों में देश सोने की तरह तप कर निकलेगा।
इसके बाद डीरेका में बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए पीएम ने भ्रष्टाचार और काले धन के खात्मे का अपना संकल्प पूरी मजबूती से दोहराया। दो टूक कहा कि भ्रष्टाचार और काला धन मिटाकर रहूंगा। इस लड़ाई को छोड़ूंगा नहीं। कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हुए पीएम ने कहा कि विपक्षी सोच रहे थे नोटबंदी का फैसला करके मोदी फंस गया है। राजनीति खत्म हो जाएगी। सरकार का सूपड़ा साफ हो जाएगा लेकिन विपक्षी चिल्लाते रह गए और जनता ने उनका नहीं, सरकार का साथ दिया। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान से विपक्षियों का सूपड़ा साफ हो गया। चंडीगढ़ में कांग्रेस मुंह दिखाने लायक नहीं बची है।
कहा, आठ नवंबर को नोटबंदी का फैसला हुआ तो कालेधन वालों को गुस्सा आया। लाइन में खड़ी होेने वाली जनता ने तकलीफ झेली लेकिन मोदी को अच्छा कहा। भड़काने के बाद भी देश के बड़े-बड़े राजनीतिज्ञ सरकार को विचलित नहीं कर पाए। 50 दिन बाद स्थिति ठीक होनी शुरू होगी। बोले, किसानों के नाम पर राजनीति की जा रही है। इस बार फसल की बुवाई पहले से अधिक हुई है। झूठ फैलाने वालों को यह करारा जवाब है।
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प्रधानमंत्री गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे थे। इस दौरान पहले वह बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव में शामिल हुए और बाद में डीरेका में पार्टी के बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। संस्कृति महोत्सव के जरिए उन्होंने बुद्धिजीवियों और युवाओं से नोटबंदी के लिए समर्थन मांगा। वहीं डीरेका में उन्होंने नोटबंदी के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में उपजी हताशा को दूर करने के लिए सीख दी।
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प्रधानमंत्री पूरी तरह से राजनीतिक रंग में थे। बोले, आजकल देश में एक बड़ा सफाई अभियान चल रहा है। नोटबंदी का प्रसंग आते ही तालियों की गड़गड़ाहट के साथ हर हर महादेव का उद्घोष होने लगा। पीएम ने कहा कि जहां गंदगी का बड़ा ढेर हो और आप वहां से गुजरते हों तो दुर्गंध आती है। बार-बार गुजरते हैं तो उस दुर्गंध को सहने की आदत कसी हो जाती है। लेकिन जब उस जगह की सफाई करते हैं तो दुर्गंध इतनी ज्यादा महसूस होती है कि वहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है। आजकल आप देख रहे हैं कि दुर्गंध कितनी ज्यादा महसूस हो रही है। इसके निहितार्थों की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर गंदगी का ढेर कहीं से साफ हो जाता है तो मन करने लगता है कि वहां सुंदर बगीचा बना दिया जाए।
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उन्होंने संसद में मच रहे शोर पर चुटकी लेते हुए उदाहरण दिए। कहा, पाकिस्तान को जब घुसपैठ करनी होती है तब वह सीमा पर फायरिंग शुरू कर देता है। फोर्स का ध्यान बंट जाता है और फिर घुसपैठ हो जाती है। इन दिनों संसद में जो हो-हल्ला हो रहा है, उसका मकसद बेईमानों को बचाने का है। राजनीतिक दल ये काम कर रहे हैं। उन्होंने जनता की परेशानियों को भी स्वीकारा। कहा कि मुझे मालूम है, जनता को बहुत कष्ट हो रहा है लेकिन इमानदारी के रास्ते पर चलकर यह कष्ट दूर हो जाएगा। इस दौर में कष्ट झेलने वाली देश की जनता नमन करने योग्य है। आने वाले दिनों में देश सोने की तरह तप कर निकलेगा।
इसके बाद डीरेका में बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए पीएम ने भ्रष्टाचार और काले धन के खात्मे का अपना संकल्प पूरी मजबूती से दोहराया। दो टूक कहा कि भ्रष्टाचार और काला धन मिटाकर रहूंगा। इस लड़ाई को छोड़ूंगा नहीं। कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हुए पीएम ने कहा कि विपक्षी सोच रहे थे नोटबंदी का फैसला करके मोदी फंस गया है। राजनीति खत्म हो जाएगी। सरकार का सूपड़ा साफ हो जाएगा लेकिन विपक्षी चिल्लाते रह गए और जनता ने उनका नहीं, सरकार का साथ दिया। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान से विपक्षियों का सूपड़ा साफ हो गया। चंडीगढ़ में कांग्रेस मुंह दिखाने लायक नहीं बची है।
कहा, आठ नवंबर को नोटबंदी का फैसला हुआ तो कालेधन वालों को गुस्सा आया। लाइन में खड़ी होेने वाली जनता ने तकलीफ झेली लेकिन मोदी को अच्छा कहा। भड़काने के बाद भी देश के बड़े-बड़े राजनीतिज्ञ सरकार को विचलित नहीं कर पाए। 50 दिन बाद स्थिति ठीक होनी शुरू होगी। बोले, किसानों के नाम पर राजनीति की जा रही है। इस बार फसल की बुवाई पहले से अधिक हुई है। झूठ फैलाने वालों को यह करारा जवाब है।