आपराधिक सूची में नाम शामिल होना भाजपा कार्यकर्ता को नहीं आया रास, डीएम से की अभद्रता
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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक भाजपा कार्यकर्ता को अपना नाम अपराधियों की सूची में शामिल होना रास नहीं आया। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता डीएम के आवास पर पहुंच गया और अभद्रता करने लगा। बात और बढ़ी तो तहसीलदार से हाथापाई पर उतर आया।
दरअसल, बलिया के जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से पकड़ी थाने से आपराधिक रिकार्ड मांगा गया था। इसमें एकईल गांव के पूर्व प्रधान और भाजपा कार्यकर्ता विनोद तिवारी के खिलाफ थाने से करीब एक दर्जन आपराधिक मामलों में शामिल होने की सूची भेजी गई।
इसकी जानकारी होने पर विनोद तिवारी सोमवार की शाम करीब चार बजे जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत से मिलने उनके कैंप कार्यालय पर पहुंच गया। बातचीत के दौरान विनोद तिवारी ने जिलाधिकारी से अभद्रता की।
14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल
इस बीच सदर तहसीलदार गुलाब चंद्रा भी वहां पहुंच गए तो विनोद तिवारी उनसे भी भिड़ गया। जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने बताया कि विनोद तिवारी ने मेरे साथ अभद्रता की है। साथ ही सदर तहसीलदार से भी हाथापाई की। उन्हें शांति भंग की आशंका में जेल भेजा गया है।
बाद में विनोद तिवारी को गिरफ्तार कर नगर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। यहां से उसे 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इसकी जानकारी मिलते ही सैकड़ों भाजपाई कोतवाली और जिला कारागार पहुंच गए। जिला प्रशासन की कार्रवाई से भाजपा नेताओं में तनाव देखा गया।