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बजरंगी गिरोह के बदमाश के गुर्गे ने दी थी भाजपा पार्षदों को धमकी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 05 Jun 2018 10:56 AM IST
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भाजपा के पांच पार्षदों को आजमगढ़ जेल में निरुद्ध एजाज अंसारी उर्फ सोनू ने फोन कर रंगदारी के लिए धमकाया था। एजाज अंसारी ने बजरंगी गिरोह के राजेश उर्फ फूटे की शागिर्दी में जरायम जगत में कदम रखा था। उसने अपने गुर्गे को भाजपा पार्षदों के पास भेज कर उनसे मोबाइल पर बात की थी।
एजाज ने कहा था कि ‘आजमगढ़ जेल में बंद हूं... अभी हाल में ही प्रभु साहनी की हत्या हुई थी, अखबारों में नाम तो पढ़ा ही होगा... बस आशीर्वाद बनाए रखिएगा बड़ा भाई...।’ मामले में एक पार्षद ने वाराणसी के दशाश्वमेध थाने में अज्ञात के खिलाफ धमकाने का मुकदमा दर्ज करा दिया है लेकिन बाकी पार्षद अभी सामने नहीं आ रहे हैं।
पढ़ेंः यूपी में विधायकों के बाद अब BJP के पांच पार्षदों को अपराधियों ने दी धमकी
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हालांकि जिन पांच पार्षदों के पास एजाज का गुर्गा गया था, उनके यहां की सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने कब्जे में ले ली है। साथ ही, सर्विलांस की मदद से क्राइम ब्रांच ने तफ्तीश शुरू कर दी है।
वाराणसी के दशाश्वमेध, जैतपुरा और भेलूपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले भाजपा के चार पार्षद और एक पार्षद पति से 30 मई से दो जून के बीच एक-एक युवक अलग-अलग मिले। उनसे कहा कि भैया बात करना चाहते हैं और पार्षदों से मोबाइल पर बात कराई।
कॉल करने वाले ने खुद को नक्खीघाट निवासी एजाज अंसारी बताया। एजाज हत्या के मामले में जिला जेल में निरुद्ध था। अगस्त 2016 में जिला जेल के बवाल के बाद उसे आजमगढ़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। बीते 11 मई को सिंधिया घाट पर नाविकों के नेता और सपा के पूर्व पार्षद प्रत्याशी प्रभु साहनी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
25 मई को पुलिस ने एजाज के छोटे भाई रिजवान अंसारी और अफरोज अहमद को गिरफ्तार किया था। इसी से एक बार फिर एजाज का नाम सुर्खियों में आया। उधर, सुरक्षा के चलते कई पार्षद घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं।
इस बारे में बात करने से भी पार्षद कतरा रहे हैं। इस बारे में एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि क्राइम ब्रांच मामले की तफ्तीश कर रही है। संबंधित पार्षदों की निगरानी में सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। जांच में जिस भी आरोपी का नाम सामने आएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
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एजाज ने कहा था कि ‘आजमगढ़ जेल में बंद हूं... अभी हाल में ही प्रभु साहनी की हत्या हुई थी, अखबारों में नाम तो पढ़ा ही होगा... बस आशीर्वाद बनाए रखिएगा बड़ा भाई...।’ मामले में एक पार्षद ने वाराणसी के दशाश्वमेध थाने में अज्ञात के खिलाफ धमकाने का मुकदमा दर्ज करा दिया है लेकिन बाकी पार्षद अभी सामने नहीं आ रहे हैं।
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हालांकि जिन पांच पार्षदों के पास एजाज का गुर्गा गया था, उनके यहां की सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने कब्जे में ले ली है। साथ ही, सर्विलांस की मदद से क्राइम ब्रांच ने तफ्तीश शुरू कर दी है।
वाराणसी के दशाश्वमेध, जैतपुरा और भेलूपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले भाजपा के चार पार्षद और एक पार्षद पति से 30 मई से दो जून के बीच एक-एक युवक अलग-अलग मिले। उनसे कहा कि भैया बात करना चाहते हैं और पार्षदों से मोबाइल पर बात कराई।
कॉल करने वाले ने खुद को नक्खीघाट निवासी एजाज अंसारी बताया। एजाज हत्या के मामले में जिला जेल में निरुद्ध था। अगस्त 2016 में जिला जेल के बवाल के बाद उसे आजमगढ़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। बीते 11 मई को सिंधिया घाट पर नाविकों के नेता और सपा के पूर्व पार्षद प्रत्याशी प्रभु साहनी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
25 मई को पुलिस ने एजाज के छोटे भाई रिजवान अंसारी और अफरोज अहमद को गिरफ्तार किया था। इसी से एक बार फिर एजाज का नाम सुर्खियों में आया। उधर, सुरक्षा के चलते कई पार्षद घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं।
इस बारे में बात करने से भी पार्षद कतरा रहे हैं। इस बारे में एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि क्राइम ब्रांच मामले की तफ्तीश कर रही है। संबंधित पार्षदों की निगरानी में सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। जांच में जिस भी आरोपी का नाम सामने आएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
बजरंगी गिरोह से जुड़ा इस केस का नाता
आजमगढ़ जेल में निरुद्ध एजाज अंसारी ने बजरंगी गिरोह के राजेश उर्फ फूटे की शागिर्दी में जरायम जगत में कदम रखा था। अगस्त 2013 में कोतवाली क्षेत्र के ब्रह्मा घाट में शराब कारोबारी रवींद्र सिंह उर्फ लालन सेठ की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
इस हत्याकांड में एजाज का नाम सामने आया था। राजेश उर्फ फूटे के गिरोह के अन्य सदस्यों में चिक्की पटेल, विनोद सहित अन्य बदमाश शामिल थे। चर्चाओं के मुताबिक एजाज मुठभेड़ में मारे गए सनी सिंह और उसके गुर्गों के संपर्क में भी रहा।
पुलिस के अनुसार एजाज जरायम जगत में अपना रसूख बनाना चाहता है। इसी वजह से जब भी शहर में कोई बड़ी वारदात होती है तो वह उसमें खुद को संलिप्त दिखाकर अपनी धौंस जमाना चाहता है। प्रभु साहनी की हत्या में उसके भाई रिजवान का नाम आया तो वह इसे भुनाना चाहता है।
तस्दीक की जा रही है कि कॉल एजाज ने ही की थी या किसी और ने। बता दें कि बीते अप्रैल और मई महीने में जिला जेल में निरुद्ध बदमाशों ने भी फोन कर शहर के कई डॉक्टरों, व्यापारियोें सहित अन्य लोगों को कॉल कर रंगदारी मांगी थी। डीएम ने छापा मारा तो जेल से मोबाइल बरामद हुए और 11 बदमाशों को गैर जनपद की जेलों में शिफ्ट किया गया।
इस हत्याकांड में एजाज का नाम सामने आया था। राजेश उर्फ फूटे के गिरोह के अन्य सदस्यों में चिक्की पटेल, विनोद सहित अन्य बदमाश शामिल थे। चर्चाओं के मुताबिक एजाज मुठभेड़ में मारे गए सनी सिंह और उसके गुर्गों के संपर्क में भी रहा।
पुलिस के अनुसार एजाज जरायम जगत में अपना रसूख बनाना चाहता है। इसी वजह से जब भी शहर में कोई बड़ी वारदात होती है तो वह उसमें खुद को संलिप्त दिखाकर अपनी धौंस जमाना चाहता है। प्रभु साहनी की हत्या में उसके भाई रिजवान का नाम आया तो वह इसे भुनाना चाहता है।
तस्दीक की जा रही है कि कॉल एजाज ने ही की थी या किसी और ने। बता दें कि बीते अप्रैल और मई महीने में जिला जेल में निरुद्ध बदमाशों ने भी फोन कर शहर के कई डॉक्टरों, व्यापारियोें सहित अन्य लोगों को कॉल कर रंगदारी मांगी थी। डीएम ने छापा मारा तो जेल से मोबाइल बरामद हुए और 11 बदमाशों को गैर जनपद की जेलों में शिफ्ट किया गया।
धमकी देने वाले अपराधियों के मनोबल तोड़ेगी योगी सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
भाजपा के पांच पार्षदों को धमकी देने का मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया है। रविवार को भदोही में आयोजित कार्यक्रम में आए सीएम ने मामला संज्ञान में आने पर सभी जनप्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बैठक की।
इसमें धमकी देने वाले अपराधियों का मनोबल तोड़ने की रणनीति बनाई गई। पार्टी सूत्रों की मानें तो चर्चा हुई कि यह मामला गंभीर है। त्वरित रूप से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उधर, घटना की जानकारी के बाद पीएमओ के निर्देश पर तत्काल प्रदेश महामंत्री और काशी क्षेत्र के प्रभारी सलिल विश्नोई यहां आ गए हैं। वे इस मामले में संगठन और सरकार के साथ समन्वय बनाएंगे।
पार्टी के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक मामले पर मुख्यमंत्री बेहद गंभीर हैं। कैराना चुनाव के दौरान जिस प्रकार से 12 विधायकों को धमकी दी गई थी। उसी प्रकार काशी के पार्षदों को भी धमकी दी गई है। पुलिस-प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया जा चुका है।
इसमें धमकी देने वाले अपराधियों का मनोबल तोड़ने की रणनीति बनाई गई। पार्टी सूत्रों की मानें तो चर्चा हुई कि यह मामला गंभीर है। त्वरित रूप से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उधर, घटना की जानकारी के बाद पीएमओ के निर्देश पर तत्काल प्रदेश महामंत्री और काशी क्षेत्र के प्रभारी सलिल विश्नोई यहां आ गए हैं। वे इस मामले में संगठन और सरकार के साथ समन्वय बनाएंगे।
पार्टी के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक मामले पर मुख्यमंत्री बेहद गंभीर हैं। कैराना चुनाव के दौरान जिस प्रकार से 12 विधायकों को धमकी दी गई थी। उसी प्रकार काशी के पार्षदों को भी धमकी दी गई है। पुलिस-प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया जा चुका है।