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निकाय चुनावः भाजपा के बड़े नेताओं की चुनौतियां अभी नहीं हुई कम, गुणा-गणित में बीत रहे दिन

Thu, 30 Nov 2017 02:22 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Thu, 30 Nov 2017 02:22 PM IST
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BJP leaders are tension for majority in civic election result
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यूपी निकाय चुनाव के लिए अंतिम चरण का मतदान बुधवार को होना है। जिन जगहों पर मतदान हो चुका है वहां भाजपा के बड़े नेताओं की परेशानियां बढ़ गईं है। वो बहुमत के के लिए गुणा गणित सेट कर रहे हैं। परिणाम एक दिसंबर को आने वाला है। वाराणसी में मामला दिलचस्प है।
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यहां निगम सदन में बहुमत की आस लगाए बैठे भाजपा के बड़े नेताओं की चुनौतियां अभी कम नहीं हुई हैं। ऊपरी तौर पर बहुमत की उम्मीद के साथ साथ कहीं न कहीं यह आशंका भी है कि 90 सदस्यीय सदन में बहुमत का निर्धारित आंकड़ा 46 तक न पहुंचने पर क्या किया जाए। इसकी वजह भी है।
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2012 के चुनाव में पार्टी को 90 में से 26 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। बाद में पार्टी ने पांच निर्दलों को अपने साथ मिलाकर सदन में संख्या बढ़ाकर 31 कर ली थी, जबकि मेयर भी उन्हीं का था। रणनीतिकारों का मानना है कि कमोबेश इस बार भी सदन में भाजपा की इसी के इर्द गिर्द सीट रहेगी।
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पार्टी के दिग्गज बहुमत के जुगाड़ में लग गए हैं। इसके लिए निर्दलों को साधने की रणनीति तैयार की गई है ताकि सदन में प्रस्तावों के पास होने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो। 

भाजपा के इस चाल की भनक दूसरी पार्टियों को लगी

BJP leaders are tension for majority in civic election result
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भाजपा के महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा और क्षेत्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य का दावा है कि सदन में उनका बहुमत होगा। पार्टी 50 से अधिक सीटों को प्राप्त करेगी।
दूसरी तरफ चुनाव प्रबंधन से बहुत नजदीक जुड़े नेता मान रहे हैं कि अगर कोई चमत्कार नहीं हुआ तो भाजपा की टिकट पर 30 से 35 पार्षद ही जीतकर आएंगे। ऐसे में जोड़ तोड़ में माहिर पदाधिकारियों की नजर जीतने वाले निर्दल प्रत्याशियों पर है।

जिन्हें जीतने के बाद निर्दलियों को तत्काल पार्टी में शामिल करने की कार्ययोजना बनाई गई है। सूत्र मानते हैं इस बार भी 10 से 15 के बीच निर्दलों की संख्या रहेगी। इन्हें पार्टी में शामिल करने के साथ नामित पार्षदों को मिलाकर बहुमत हासिल करने की जुगाड़ में लगी है। उधर, दूसरी पार्टियों को भाजपा के इस चाल की भनक लग गई है। वे भी इसकी काट निकालने में जुट गए हैं। 

2012 का परिणाम एक नजर 
सपा  38
भाजपा 31
कांग्रेस 19 
बसपा  2
(नोट: चुनाव में नौ निर्दलीय पार्षद चुने गए थे। इनमें से पांच भाजपा, दो सपा में शामिल हो गए, बाकी बचे दो सदस्य बसपा में रहे)
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