काश! बाइक चला रहे मामा-भांजा न करते मनमानी, पहना होता हेलमेट
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मिर्जापुर जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र के राजगढ़ चौकी के पास गुरुवार की देर रात अज्ञात वाहन के धक्के से बाइक सवार मामा-भांजे की सड़क हादसे में मौत हो गई। भांजे की मौके पर ही मौत हो गई, पुलिस गंभीर रूप से घायल मामा को उपचार के लिए सीएचसी लेकर आई। जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने परिजनों को सूचना दिया। मौत की खबर से दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। मनमानी करते हुए बाइक सवार दोनों लोग हेलमेट नहीं लगाए थे। हेलमेट लगाए होते तो जान बच सकती थी।
चंदौली जिले के चकिया गांव के शिकारगंज निवासी 22 वर्षीय सुजीत कुमार पुत्र कैलाश अपने चचेरे मामा 40 वर्षीय राजेश पुत्र पचाउराम निवासी बोदलपुर चकिया के साथ अपने मौसी की पुत्री की शादी में शामिल होने के लिए मड़िहान थाना क्षेत्र के रामपुर 38 गांव में आया था। गुरुवार की रात दोनों खाना खाने के बाद घर वापस जाने के लिए निकले थे।
गुरुवार की देर रात बाइक राजगढ़ चौकी के सामने पहुंची थी कि सामने से आ रहे अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दिया। दोनों सड़क किनारे घायला वस्था में पड़े थे। मार्ग से गुजर रहे अन्य राहगिरों ने हादसे की सूचना पुलिस चौकी में दी। सूचना पर चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी दोनों को उपचार के लिए सीएचसी लेकर आए। जहां डाक्टर ने सुजीत को मृत घोषित कर दिया।
थोड़ी देर बाद राजेश ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस रामपुर 38 गांव के रिश्तेदारों और परिजनों को सूचना दिया। मामा-भांजा की मौत से दोनों परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
राजेश की मौत से परिजनों पर टूटा गमों का पहाड़
मिर्जापुर। राजेश पांच बहनों का इकलौता भाई था। राजेश चंदौली जिले में पीआरडी का जवान था। पिता किसान है। पांचों बहनों की शादी होने के बाद राजेश ही परिवार का खर्च चलाता था। राजेश को तीन पुत्र और एक पुत्र है। सबसे बड़ी पुत्री 10 वर्षीय गुड़िया है। उसके बाद आठ वर्षीय पुत्र शुभम, छह और चार वर्षीय पुत्री है।
राजेश की मौत से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। मौत से परिवार के ऊपर आर्थिक संकटों का पहाड़ भी टूट गया है। सुजीत तीन भाईयों में सबसे छोटा था। बीए करने के बाद वह आईटीआई कर रहा था। सुजीत होनहार छात्र और घर का दुलारा था। उसकी मौत से गांव में मातम छा गया है।