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Varanasi: बिहार के कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह इरी पहुंचे, धान की प्रजातियों को लेकर कही ये बात..
Thu, 28 Jul 2022 12:32 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 28 Jul 2022 12:32 PM IST
सार
बिहार के कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने वाराणसी स्थितअंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (इरी) का जायजा लिया। यहां उन्होंने इरी के वैज्ञानिकों को कम अवधि वाले धान की प्रजातियों को विकसित करने के लिए कहा।
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बिहार के कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह इरी पहुंचे
- फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
बिहार के कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह बुधवार को चांदपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (इरी) पहुंचे। उन्होंने तीन दिवसीय क्षमता विकास प्रशिक्षण सह एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम का उद्घाटन कर चावल से बने उत्पादों का स्वाद भी चखा।
कृषि मंत्री ने इरी में मौजूद एडवांस कंप्यूटेशनल बायोलॉजी लैब, स्पीडब्रीड लैब, फार्म मशीनरी हब सहित विभिन्न सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इरी के वैज्ञानिकों को पूर्वी भारत और विशेष कर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सूखा, बाढ़ और कम अवधि वाले धान की प्रजातियों को विकसित करने के लिए कहा।
इरी के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह ने बताया कि संस्थान की ओर से विकास प्रशिक्षण सह एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के 30 वैज्ञानिकों को अगले तीन दिनों तक पर्यावरण के अनुकूल धान की खेती के बारे तकनीकी जानकारी दी जाएगी। इसका शुभारंभ बिहार के कृषि मंत्री ने स्वयं आकर किया। इस मौके पर बीएयू के कुलपति डॉ. अरुण कुमार भी मौजूद थे।
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कृषि मंत्री ने इरी में मौजूद एडवांस कंप्यूटेशनल बायोलॉजी लैब, स्पीडब्रीड लैब, फार्म मशीनरी हब सहित विभिन्न सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इरी के वैज्ञानिकों को पूर्वी भारत और विशेष कर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सूखा, बाढ़ और कम अवधि वाले धान की प्रजातियों को विकसित करने के लिए कहा।
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इरी के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह ने बताया कि संस्थान की ओर से विकास प्रशिक्षण सह एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के 30 वैज्ञानिकों को अगले तीन दिनों तक पर्यावरण के अनुकूल धान की खेती के बारे तकनीकी जानकारी दी जाएगी। इसका शुभारंभ बिहार के कृषि मंत्री ने स्वयं आकर किया। इस मौके पर बीएयू के कुलपति डॉ. अरुण कुमार भी मौजूद थे।
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