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विद्यार्थियों ने सीखीं शास्त्रीय गायन की बारीकियां
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वाराणसी। बीएचयू संगीत एवं मंच कला संकाय में शनिवार को हुए कार्यक्रम में सुचेता गांगुली ने विद्यार्थियों को शास्त्रीय गायन से जुड़ी बारीकियां बताईं। इस दौरान उन्होंने मधुवंती, खमाज, दादरा कजरी आदि रागों पर बंदिशें प्रस्तुत कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।
पंडित ओंकारनाथ ठाकुर सभागार में सुचेता ने विलंबित एक ताल में राग मधुवंती में मोको नींद न आवे की प्रस्तुति की। कोलकाता से आई सुचेता गांगुली ने दादरा श्याम तोहे नजरिया लग जाएगी गीत में कृष्ण और गोपियों के प्रेम का वर्णन किया।
हारमोनियम पर डॉ. इंद्रदेव चौधरी, तबले पर पंडित पुंडलीक कृष्ण भागवत और तानपुरा पर खुशबू, आकांक्षा ने संगत की। इस दौरान भातखंडे विश्वविद्यालय के डॉ. मनोज मिश्रा ने बनारस घराने के तबला के टुकड़ों व फर्द पर विशेष व्याख्यान दिया। संकाय प्रमुख प्रो. राजेश शाह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संचालन कामाक्षी, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ज्ञानेश चंद्र पांडेय ने किया।
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पंडित ओंकारनाथ ठाकुर सभागार में सुचेता ने विलंबित एक ताल में राग मधुवंती में मोको नींद न आवे की प्रस्तुति की। कोलकाता से आई सुचेता गांगुली ने दादरा श्याम तोहे नजरिया लग जाएगी गीत में कृष्ण और गोपियों के प्रेम का वर्णन किया।
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हारमोनियम पर डॉ. इंद्रदेव चौधरी, तबले पर पंडित पुंडलीक कृष्ण भागवत और तानपुरा पर खुशबू, आकांक्षा ने संगत की। इस दौरान भातखंडे विश्वविद्यालय के डॉ. मनोज मिश्रा ने बनारस घराने के तबला के टुकड़ों व फर्द पर विशेष व्याख्यान दिया। संकाय प्रमुख प्रो. राजेश शाह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संचालन कामाक्षी, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ज्ञानेश चंद्र पांडेय ने किया।
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