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IMS BHU: दो महीने बाद फिर से ट्रॉमा सेंटर लौटाए गए रेजिडेंट, लात मारकर कुर्सी हटाने पर शुरू हुआ था विवाद
Thu, 07 Aug 2025 09:39 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 07 Aug 2025 09:39 AM IST
सार
Varanasi News: बीएचयू ट्रॉमा सेंटर विवाद के दो महीने बाद फिर से रेजिडेंट ट्रॉमा सेंटर लौटाए गए। आठ रेजिडेंट को सर्जरी विभागाध्यक्ष ने वापस बुलाया था।
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आईएमएस बीएचयू का ट्रॉमा सेंटर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आईएमएस बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में मई के अंतिम सप्ताह में सर्जरी विभाग के प्रो. एसपी मिश्रा और ट्रॉमा सेंटर स्थित कैंटीन के कर्मचारी के बीच विवाद के बाद जिन रेजिडेंट को सर्जरी विभागाध्यक्ष ने वापस बुलाया था। उसमें से आठ की तैनाती एक बार फिर ट्रॉमा सेंटर में कर दी गई है। इसका आदेश 31 जुलाई को जारी किया गया है।
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26 मई को घटना के पांचवें दिन 30 मई को एक आदेश जारी कर पहले आठ और बाद में तीन रेजिडेंट को ट्रॉमा सेंटर से हटाने के बाद आईएमएस निदेशक और विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति ने भी अपील की थी। इसके बाद भी रेजिडेंट को वापस ट्रॉमा सेंटर की तैनाती में दो महीने का समय लग गया।
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ट्रॉमा सेंटर परिसर में 26 मई को मरीजों को देखने जाते समय सर्जरी विभाग के प्रो. एसपी मिश्रा द्वारा कैंटीन के बाहर रखी कुर्सी को लात मारकर हटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। सोशल मीडिया पर इसका फोटो और वीडियो भी वायरल हुआ था। कैंटीन कर्मचारी ने भी अपशब्द कहने, दुर्व्यवहार की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।
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30 मई को ही शाम को आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने एक अपील जारी कर सभी को काम पर लौटने को कहा था। मामले में तत्कालीन वीसी प्रो. संजय कुमार के निर्देश पर कुलसचिव कार्यालय ने 11 जून को आईएमएस निदेशक को एक पत्र लिखकर रेजिडेंट को हटाने के फैसले पर आपत्ति जताई थी।