आईआईटी बीएचयू के 24 छात्रों की टीम ऐसी चार पहिया इलेक्ट्रिक कार्गो डिलीवरी वैन बना रही है, जो अपनी श्रेणी के अन्य वाहनों के मुकाबले तीन गुना ज्यादा किफायती होगी। तीन घंटे में पूरा चार्ज होने के बाद वैन से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 120 किलोमीटर की दूरी तय की जा सकेगी।
मैराथन के लिए दो इलेक्ट्रिक कार तैयार कर चुकी है टीम
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Electric Cargo Van team
- फोटो : अमर उजाला
प्रोजेक्ट पर काम कर रहे स्टूडेट्स का दावा है कि जीपीएस से लैस यह वैन 700 किलोग्राम तक भार वहन करने में सक्षम होगी। वैन की डिजाइन भारी यातायात, तंग रास्तों और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए की गई है। वैन को ‘मेक इन इंडिया’ के तहत विकसित किया जा रहा है।
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इसकी डिजाइनिंग से लेकर इसमें इस्तेमाल होने वाली छोटी से बड़ी हर मशीन, बैटरी, मोटर कंट्रोलर, बॉडी और चेसिस तक छात्र खुद ही तैयार कर रहे हैं। प्रोजेक्ट के इस इनोवेशन को ‘क्लीन इलेक्ट्रिक’ नाम से टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर के तहत संस्थान के मालवीय उद्यमिता संवर्धन केंद्र में पंजीकृत कराया गया है।
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मेकेनिकल से स्टूडेंट टीम के लीडर अभिनव रॉय ने बताया कि प्रयोग के तौर पर हमने पहले बजाज के ऑटो रिक्शा में खुद का तैयार किया हुआ गेयर बॉक्स, इलेक्ट्रिक मोटर, मोटर कंट्रोलर, लीड एसिड बैटरी लगाई और परीक्षण किया। पाया गया कि एक यूनिट बिजली के खर्च में नई गाड़ी पांच से सात किलोमीटर तक की दूरी तय कर लेती है। इससे एक किलोमीटर तक की दूरी तय करने का खर्च करीब 50 पैसे बैठता है।
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इससे पहले एशिया मैराथन रेस के लिए यह टीम दो इलेक्ट्रिक कार बना चुकी है। मालवीय संवर्धन केंद्र के कोऑर्डिनेटर प्रो. पीके मिश्र के मुताबिक वाणिज्यिक उपयोग के लिए इस नए इनोवेशन पर काम किया जा रहा है। प्रो. एके अग्रवाल और प्रो. एसके शर्मा के निर्देशन में यह प्रोजेक्ट चल रहा है। माइनिंग से स्टूडेंट टीम के लीडर आकाश गुप्ता ने बताया कि हम इसमें लिथियम आयन बैटरी पैक का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो हल्की होने के साथ तुरंत चार्ज भी हो जाती है।