बीएचयू: विभिन्न मांगों को लेकर सिंह द्वार पर छात्रों का धरना जारी, बेनतीजा रही बातचीत
बीएचयू को पूरी क्षमता के साथ खोले जाने और ऑफलाइन कक्षाओं के चलाने के लिए मंगलवार से छात्र धरने पर बैठे हैं। धरनारत छात्रों ने कहा कि बीएचयू प्रशासन की ओर से केवल झूठा आश्वासन दिया जा रहा है।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) को पूरी क्षमता से खोलने, ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने और हॉस्टल आवंटन की मांग को लेकर मंगलवार से सिंह द्वार पर छात्रों का चल रहा धरना तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। दिन में प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों, पुलिस अधिकारियों ने फिर से उनसे बातचीत की, लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला।
छात्रों ने तीनों द्वार को बंद कर दिया। छोटे गेट से केवल एंबुलेंस को जाने दिया गया। छात्रों ने बताया कि प्रशासन की ओर से केवल झूठा आश्वासन दिया जा रहा है। कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया जा रहा है। उधर, भत्ते की मांग को लेकर केंद्रीय कार्यालय पर धरना दे रहे पुस्तकालय विज्ञान के छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर शिक्षा मंत्रालय को पत्र भेजने की कॉपी दी। जिसके बाद छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया।
कोविड समीक्षा के बाद फैसला करेगा बीएचयू प्रशासन
छात्रों की मांग पर प्रभारी कुलपति की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस बात पर सहमति बनी की मौजूदा ऑड सेमेस्टर की परीक्षाओं के बाद भारत सरकार एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देशों के मद्देनजर कोविड की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
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महाविद्यालयों में दीपावली बाद नियमित कक्षाएं होंगी शुरू
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध महाविद्यालयों में दीपावली के बाद से नियमित कक्षाएं शुरू होंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने समय से पहले सभी जगहों पर प्रवेश संबंधी प्रक्रिया को पूरी करने का निर्देश दिया है। इधर, महाविद्यालयों में प्राचार्यों की नियुक्ति के बाद से अब कक्षाएं चलाने की दिशा में कार्रवाई चल रही है।
कोरोना संक्रमण कम होने के बाद अब विश्वविद्यालय और कॉलेज में अब शैक्षणिक गतिविधियां बढ़ने की वजह से चहलपहल अधिक दिख रही है। यहां प्रवेश की प्रक्रिया भी चल रही है। इस बीच जिन कॉलेजों में आयोग की ओर से प्राचार्यों की नियुक्ति की गई है, वहां भी अब प्रवेश से लेकर कक्षाएं चलाए जाने संबंधी सभी व्यवस्थाएं रफ्तार पकड़ चुकी है।
यूपी कॉलेज, हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। अब यहां कक्षा चलाने के लिए समयसारिणी तैयार करने, शिक्षकों को जिम्मेदारी देने का काम अंतिम चरण में है। माना जा रहा है कि वाराणसी समेत आसपास के जिलों के कॉलेजों में दीपावली के बाद कक्षाएं शुरू हो जाएंगी।