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कैंसर के मरीजों के लिए खुशखबरी, बीएचयू के नए अस्पताल में होगा मुफ्त इलाज
टीम डिजिटल, वाराणसी
Updated Sat, 07 Jan 2017 08:20 PM IST
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अस्पताल के लिए जमीन का निरीक्षण करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का निर्माण ही नहीं, संचालन भी बिल्कुल टाटा मेमोरियल कैंसर हास्पिटल (टीएमसी) की तर्ज पर होगा। इसका संचालन टीएमसी ही करेगा। टीएमसी की ही तरह यहां कैंसर का इलाज पूरी तरह मुफ्त होगा।
इससे न सिर्फ वाराणसी और पूर्वांचल बल्कि आसपास के प्रांतों के हजारों गरीब मरीजों को बड़ी राहत और सहूलियत होगी। एक तो उन्हें मुंबई तक की दौड़ नहीं लगानी होगी, दूसरे यहां कैंसर की अंतरराष्ट्रीय स्तर की सभी चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह मुहैया होंगी।
टीएमसी के डॉ. केएस शर्मा ने बताया कि टीएमसी मुंबई में हर साल करीब 60 हजार नए कैंसर के मरीज आते हैं। वहीं छह से सात लाख मरीज फॉलोअप के लिए आते हैं। टीएमसी में 60 फीसदी मरीजों का इलाज पूरी तरह मुफ्त होता है।
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40 फीसदी पेड मरीज वो होते हैं, जो अलग से सुविधाओं की मांग करते हैं। महामना कैंसर हास्पिटल का संचालन भी टीएमसी करेगा, इसलिए मुंबई जैसी सभी सुविधाएं और सहूलियतें यहां भी मुहैया होंगी।
उन्होंने बताया कि मुंबई में यूं तो देश भर से कैंसर मरीज आते हैं लेकिन इनमें ज्यादातर मरीज यूपी, बिहार और झारखंड से होते हैं। ऐसे में बीएचयू में इस कैंसर हास्पिटल के शुरू होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को फायदा होगा। साथ ही, टीएमसी का दबाव भी कम होगा।
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल के एमएस डॉ. ओपी उपाध्याय ने बताया कि एमओयू के तहत टीएमसी के विशेषज्ञों की देखरेख में यहां साल भर के अंदर ओपीडी शुरू हो जाएगी। जब नया अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा तो इसे वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। आईएमएस के रेडियोडायग्नोसिस एंड इमेजिंग, रेडियोथेरेपी एंड रेडिएशन मेडिसिन और सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग नए कैंसर अस्पताल में शिफ्ट होंगे।
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इससे न सिर्फ वाराणसी और पूर्वांचल बल्कि आसपास के प्रांतों के हजारों गरीब मरीजों को बड़ी राहत और सहूलियत होगी। एक तो उन्हें मुंबई तक की दौड़ नहीं लगानी होगी, दूसरे यहां कैंसर की अंतरराष्ट्रीय स्तर की सभी चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह मुहैया होंगी।
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टीएमसी के डॉ. केएस शर्मा ने बताया कि टीएमसी मुंबई में हर साल करीब 60 हजार नए कैंसर के मरीज आते हैं। वहीं छह से सात लाख मरीज फॉलोअप के लिए आते हैं। टीएमसी में 60 फीसदी मरीजों का इलाज पूरी तरह मुफ्त होता है।
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40 फीसदी पेड मरीज वो होते हैं, जो अलग से सुविधाओं की मांग करते हैं। महामना कैंसर हास्पिटल का संचालन भी टीएमसी करेगा, इसलिए मुंबई जैसी सभी सुविधाएं और सहूलियतें यहां भी मुहैया होंगी।
उन्होंने बताया कि मुंबई में यूं तो देश भर से कैंसर मरीज आते हैं लेकिन इनमें ज्यादातर मरीज यूपी, बिहार और झारखंड से होते हैं। ऐसे में बीएचयू में इस कैंसर हास्पिटल के शुरू होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को फायदा होगा। साथ ही, टीएमसी का दबाव भी कम होगा।
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल के एमएस डॉ. ओपी उपाध्याय ने बताया कि एमओयू के तहत टीएमसी के विशेषज्ञों की देखरेख में यहां साल भर के अंदर ओपीडी शुरू हो जाएगी। जब नया अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा तो इसे वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। आईएमएस के रेडियोडायग्नोसिस एंड इमेजिंग, रेडियोथेरेपी एंड रेडिएशन मेडिसिन और सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग नए कैंसर अस्पताल में शिफ्ट होंगे।
जल्द शुरू होगा कैंसर रजिस्ट्री सेंटर
कैंसर अस्पताल
- फोटो : SELF
बीएचयू के कैंसर अस्पताल में ही प्रस्तावित कैंसर रजिस्ट्री सेंटर का काम दस दिन के अंदर शुरू हो जाएगा। शुक्रवार को बीएचयू आई टीएमसी की टीम ने इसके मद्देनजर रेडिएशन, पैथोलॉजी और कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के साथ ही शहर के पैथोलॉजी व कैंसर विशेषज्ञों के साथ वार्ता की।
पॉपुलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री सेंटर शुरू करने के लिए टीम ने उनसे हर साल कैंसर के बढ़ने वाले रोगियों, किस प्रकार के कैंसर के मरीज यहां ज्यादा हैं, इसके बारे में जानकारी ली। इसमें प्रो. यूपी शाही, डॉ. एस प्रधान आदि शामिल रहे।
सुंदरबगिया में जहां कैंसर हास्पिटल का निर्माण होना है, वहां प्राथमिक पाठशाला के साथ ही कई आवास भी हैं। शनिवार को पैमाइश करने पहुंची टीएमसी और बीएचयू के इंजीनियर्स की टीम ने इसका ध्यान रखा है कि वहां से आवासों को न हटाना पड़े।
वहीं पर एक छोटा सा तालाब भी है। इस तालाब का सौंदर्यीकरण कराने का फैसला लिया गया है। अस्पताल परिसर पूरी तरह से हरा भरा होगा।
पॉपुलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री सेंटर शुरू करने के लिए टीम ने उनसे हर साल कैंसर के बढ़ने वाले रोगियों, किस प्रकार के कैंसर के मरीज यहां ज्यादा हैं, इसके बारे में जानकारी ली। इसमें प्रो. यूपी शाही, डॉ. एस प्रधान आदि शामिल रहे।
सुंदरबगिया में जहां कैंसर हास्पिटल का निर्माण होना है, वहां प्राथमिक पाठशाला के साथ ही कई आवास भी हैं। शनिवार को पैमाइश करने पहुंची टीएमसी और बीएचयू के इंजीनियर्स की टीम ने इसका ध्यान रखा है कि वहां से आवासों को न हटाना पड़े।
वहीं पर एक छोटा सा तालाब भी है। इस तालाब का सौंदर्यीकरण कराने का फैसला लिया गया है। अस्पताल परिसर पूरी तरह से हरा भरा होगा।