‘कोरोना’ के नमूने लेना सिखाएगी बीएचयू की लैब, जरूरत पर विशेषज्ञ अपने सामने कराएंगे सैंपलिंग
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कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट पर है। इसी के तहत आईएमएस बीएचयू की वीआरएलडीएल लैब को वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, भदोही, सोनभद्र समेत दस जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। लैब के विशेषज्ञ इन जिलों में कोरोना वायरस के पीड़ित मरीज के नमूने लेने और उन्हें सुरक्षित रखने के बारे में सिखाया जाएगा।
लैब के विशेषज्ञ इसके लिए सोनभद्र में कार्यशाला कर टेक्नीशियन को प्रशिक्षित कर चुके हैं। जरूरत पड़ने पर लैब के विशेषज्ञ जिलों में जाकर नमूने लेने में मदद करेंगे, ताकि उन्हें पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलॉजी में सुरक्षित तरीके से भेजा जा सके। आईएमएस बीएचयू में माइक्रोबायोलॉजी के प्रो. गोपालनाथ के अनुसार, सैंपल सुरक्षित करना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि यदि सैंपल खुल गए तो संक्रमण फैलने का खतरा होगा। लिहाजा ब्लड सैंपल, सीरम, थ्रोट सॉप का जो सैंपल लिया जाएगा, उसे ट्रिपल लेयर में पैक करना होता है।
प्रदेश में हैं चार लैब
प्रदेश में केवल चार आईएमएस बीएचयू, केजीएमयू लखनऊ, सैफई और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में ही ऐसी लैब है, जहां वायरस संबंधी जांच की सुविधा है। देशभर में 108 लैब की चेन है। इनका व्हाटएस एप ग्रुप भी बनाया गया है, जिससे एक-दूसरे को जानकारी दे सकें।
रिपोर्ट में आने में लगेगा एक सप्ताह
प्रो. गोपाल नाथ के मुताबिक, सैंपल भेजे जाने के बाद जांच रिपोर्ट आने में करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है। उधर, दीनदयाल अस्पताल में सोमवार को जिस युवक का सैंपल लिया गया था, उसे पुणे भेजने की तैयारी चल रही है। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से केजीएमयू को सूचना दी जा चुकी है।