बीएचयू के शोधकर्ताओं का दावा: कोविड से लड़ने में कारगर है सोंठ का चूर्ण, 800 से अधिक मरीजों पर रिसर्च
बीएचयू, आईआईटी बीएचयू और गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय की टीम ने तीन महीने तक तीन चरणों में सुंठी (सोंठ का चूर्ण) के प्रभाव का मरीजों पर अध्ययन किया। शोध के नतीजों से सामने आया है कि अदरक में वे फाइटोकेमिकल्स होते हैं, जो कोविड-19 के प्रसार को रोकने में मदद करते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सूखी अदरक यानी सोंठ का चूर्ण कोविड 19 से लड़ने में काफी कारगर है। कोविड संक्रमण के 800 मरीजों पर अध्ययन के बाद बीएचयू के शोधकर्ताओं ने यह दावा किया है। विशेषज्ञों के शोध के नतीजों से सामने आया है कि अदरक में वे फाइटोकेमिकल्स होते हैं, जो कोविड-19 के प्रसार को रोकने में मदद करते हैं। इसके साथ ही सुंठी (सोंठ का चूर्ण) आयुर्वेदिक संश्लेषण कोविड 19 के लक्षण और प्रसार को कम करने में मददगार हैं।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय, आईआईटी बीएचयू और गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय की टीम ने तीन महीने तक तीन चरणों में सुंठी चूर्ण के प्रभाव का मरीजों पर अध्ययन किया। अध्ययन के नतीजे जर्नल ऑफ हर्बल मेडिसिन में प्रकाशित हुए हैं। यह ब्रिटेन में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल हर्बलिस्ट्स (एनआईएमएच) की पत्रिका है।
संक्रमण को रोकने में भी काफी प्रभावी
एनआईएमएच ब्रिटेन में हर्बल चिकित्सकों का अग्रणी संगठन है। शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि कोविड 19 की रोकथाम के लिए सूखे अदरक का चूर्ण लाभकारी हो सकता है। इससे संक्रमण की जद में आने वाले लोगों में कोरोना वायरस के प्रति मजबूत प्रतिरोधक क्षमता का विकास होगा। यह संक्रमण को रोकने में भी काफी प्रभावी है। वैद्य सुशील दुबे ने बताया कि यह अध्ययन अब तक इस प्रतिष्ठित पत्रिका में प्रकाशित भारत के मात्र दो कोविड से संबंधित चिकित्सा अध्ययनों में से एक है।
ये भी पढ़ें: आदिवासियों को भड़काइए मत...अंजाम ठीक नहीं होगा, भरी पंचायत में अफसरों पर भड़के पूर्व सांसद
कोविड के मरीजों को मुंह और नाक से दिया गया सुंठी चूर्ण
वैद्य सुशील कुमार दुबे ने बताया कि यह पहला अंतरविषयी अध्ययन है जो कोरोना वायरस के मामले में सुंठी की चिकित्सा और प्रभाव पर प्रारंभिक परिणाम देता है। इसके अध्ययन के लिए शहर के कोविड-19 के अस्पतालों में भर्ती कोरोना वायरस के संक्रमित रोगियों, घर के सदस्यों और स्वास्थ्यकर्मियों समेत 800 लोगों को चुना गया। अध्ययन में बहु-केंद्रीय, नॉन-रैंडमाइज्ड, ओपन-लेवल, सिंगल-आर्म, प्री-पोस्ट डिजाइन का उपयोग किया गया।
उन्होंने 15 दिनों तक सुंठी पाउडर का चार बार रोजाना सेवन किया। दो बार मौखिक रूप से (2 ग्राम) और दो बार नासिका से (0.5 ग्राम)। उनका 15, 30 और 90 दिनों के बाद अध्ययन किया गया। परिणाम बेहद चौंकाने वाले थे। सुंठी चूर्ण का सेवन करने वाले मरीजों में अदरक में पाए जाने वाले फाइटोकेमिकल्स ने कोविड-19 का प्रसार रोक दिया। इसके साथ ही यह कोविड के लक्षण और प्रसार को कम करने में भी मददगार साबित हुआ।
ये रहे टीम में शामिल
शोधकर्ताओं की टीम की टीम में वैद्य सुशील कुमार दुबे (आयुर्वेद संकाय, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, बीएचयू), डॉ. विश्वंभर सिंह, डॉ. यामिनी भूषण त्रिपाठी, डॉ. रामेश्वर नाथ चौरसिया, डॉ. परमेश्वरप्पा एस ब्याडगी, डॉ. नम्रता जोशी, डॉ. तेज बाली सिंह, अमित कुमार, अनामिका यादव (आईएमएस बीएचयू से), डॉ. राजीव मिश्रा (विज्ञान संस्थान, बीएचयू), ऐश्वर्या जायसवाल (मनोविज्ञान विभाग, बीएचयू), डॉ. सुनील कुमार मिश्रा (आईआईटी बीएचयू) और डॉ. हितेश जानी (गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय) से शामिल हैं।