अमर उजाला की विशेष बातचीत: नवनियुक्त कुलपति बोले- बीएचयू को नई पहचान दिलाना प्राथमिकता
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के नवनियुक्त कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन विश्वविद्यालय को नई पहचान दिलाना चाहते हैं। उनका मानना है कि विश्वविद्यालय में छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों से निरंतर संवाद जारी रखा जाएगा। क्लास रूम से लेकर लाइब्रेरी, हॉस्टल सहित छात्रों की जो भी मूलभूत सुविधाएं हैं, वो उन्हें दी जाएंगी। समय-समय पर इसका मूल्यांकन कर जरूरत के हिसाब से उसमें विस्तार भी किया जाएगा। नवनियुक्त कुलपति ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि सामूहिक प्रयास से विश्वविद्यालय को नई पहचान दिलाना ही प्राथमिकता होगी। इसके लिए आने वाली चुनौतियों का भी डटकर सामना किया जाएगा, जिससे कि विश्वविद्यालय की छवि बरकरार रहे।
सवाल: कुलपति के रूप में आपकी क्या प्राथमिकता होगी?
जवाब: देखिए अभी तो विश्वविद्यालय के बारे में बहुत कुछ जानने, समझने में लगा हूं। बीएचयू निश्चित ही एक गौरवशाली संस्थान है। 100 साल से भी अधिक समय तक का इसका इतिहास है। इसकी गरिमामयी परंपरा का निर्वहन करना सभी जिम्मेदारी है। प्राथमिकता क्या होगी, यह बताना बहुत जल्दीबाजी होगी लेकिन, इतना जरूर है कि विश्वविद्यालय की गरिमा को कम नहीं होने दिया जाएगा।
सवाल: बीएचयू तो एक ऐसा कैंपस हैं, जहां शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य का बड़ा केंद्र है। बहुत सारी समस्याएं भी हैं। समाधान की दिशा में आप क्या करेंगे?
जवाब: देखिए मेरा सोचने का तरीका अलग है। मरीजों को जो भी सुविधाएं मिलनी चाहिए, वो सब मिलेंगी। अगर जिस व्यक्ति को जिस काम की जिम्मेदारी दी जाए, अगर वह उसे भलीभांति समझें तो किसी तरह की समस्या की कोई बात नहीं रह जाएगी। इस संकल्प के साथ ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बेहतर प्रयास किया जाएगा।
सवाल: बीएचयू में इसके पहले आपका कब आना हुआ है?
जवाब: बीएचयू परिसर में अब तक दो बार आना हुआ है। इसमें आईआईटी बीएचयू में पूर्व में निदेशक रहे प्रो. राजीव संगल के कार्यकाल में और वर्तमान निदेशक प्रो. पीके जैन के कार्यकाल में आयोजित एक कार्यक्रम में आया हूूं। अब कुलपति के रूप में सेवा का अवसर मिला है, तो बड़ी सुखद अनुभूति हो रही है। एक बात जरूर कहना चाहूंगा कि बनारस की कचौड़ी, जिलेबी का स्वाद कभी नहीं भूलता है।
सवाल: छात्रों के लिए अभी आप कुछ कहना चाहेंगे?
जवाब: जरूर। किसी भी विश्वविद्यालय की रीढ़ वहां के छात्र होते हैं। विश्वविद्यालय में पढ़ाई के साथ ही लैब में शोध से जुड़ी सुविधाएं हॉस्टल में भी छात्रों को अगर मिलती रहेंगी तो उनका ध्यान केवल पढ़ाई पर रहेगा। इस दिशा में भी बेहतर प्रयास किया जाएगा, जिससे कि छात्र जहां भी रहें, बीएचयू के गौरव को बनाएं रखें। छात्रों से निरंतर संवाद को भी जारी रखा जाएगा।