बीएचयू अस्पताल: एमएस के इस्तीफे की मांग अधूरी, सात दिन बाद काम पर लौटे नर्सिंग ऑफिसर
बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में एमएस पर पिटाई का आरोप लगाकर नर्सिंग ऑफिसर बीते हफ्ते से कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठे थे। वो एमएस पर कार्रवाई की मांग पर अड़े थे।
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बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में एमएस पर पिटाई का आरोप लगाकर इस्तीफे पर अड़े नर्सिंग ऑफिसरों ने सात दिन बाद शुक्रवार की शाम को धरना समाप्त कर काम पर लौट आए। एमएस के इस्तीफे को छोड़ बाकी सभी मांगे अस्पताल प्रशासन ने मानते हुए उसकी लिखित कॉपी दी है।
बीएचयू प्रशासन की किरकिरी
वैसे एमएस और नर्सिंग ऑफिसर के इस विवाद से जहां बीएचयू प्रशासन की किरकिरी हुई वहीं मरीजों का भी नुकसान हुआ है। ट्रॉमा सेंटर प्रभारी और डिप्टी एमएस प्रो.सौरभ सिंह की ओर से नर्सिंग ऑफिसरों को शुक्रवार को लिखित सहमति पत्र दिया गया है।
इसमें उनके धरना प्रदर्शन के दौरान उनके ऊपर किसी तरह की कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही न होने और भविष्य में उनकी समस्याओं के लिए एक ग्रीवांस कमेटी का गठन करने के साथ ही यह भरोसा दिलाया गया है कि भविष्य में उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी, इसके लिए नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट ऑफिस की ओर से विश्वविद्यालय के नियमानुसार जो भी समस्याएं होंगी, उसका समाधान कराया जाएगा।
11 सदस्यीय ग्रीवांस कमेटी गठित
बीएचयू अस्पताल प्रशासन ने नर्सिंग ऑफिसरों की मांगों पर 11 सदस्यीय ग्रीवांस कमेटी का गठन कर दिया है। इसमे फैकेल्टी ऑफ मेडिसिन के डीन प्रो.एसके सिंह को चेयरमैन बनाया गया है। सहायक कुलसचिव सरसुंदरलाल अस्पताल सदस्य सचिव की भूमिका में रहेंगे। खास बात यह है कि कमेटी में तीन नर्सिंग ऑफिसरों को भी शामिल किया गया है। कमेटी नर्सिंग ऑफिसरों की समस्याओं का समाधान की दिशा में कार्रवाई करेगी।
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