नर्सिंग अफसरों का कार्य बहिष्कार जारी: बीएचयू अस्पताल के एमएस पर कार्रवाई की मांग, इमरजेंसी और आईसीयू में भी सेवा न देने की चेतावनी
बीएचयू अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता पर नर्सिंग ऑफिसर की पिटाई का आरोप है। शनिवार दोपहर से सभी नर्सिंग ऑफिसर कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठे हुए हैं। वो एमएस के इस्तीफे की मांग पर ही अड़े हैं।
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बीएचयू अस्पताल में प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग अफसरों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन रविवार को भी जारी रहा। इमरजेंसी में चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केके गुप्ता पर पिटाई का आरोप लगाकर शनिवार दोपहर 1.30 बजे से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रहे 200 से अधिक नर्सिंग अफसर एमएस के इस्तीफे की मांग पर ही अड़े हैं। रविवार रात खबर लिखने तक उनका धरना जारी रहा।
रविवार को भी उनकी डिप्टी एमएस समेत अन्य अधिकारियों से बातचीत बेनतीजा रही। वह कुलपति के धरना स्थल पर बुलाने और इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) इमरजेंसी गेट पर बैठे नर्सिंग ऑफिसरों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। रविवार को सुबह कुलपति प्रो.सुधीर कुमार जैन से मुलाकात कर उन्हें घटना से अवगत कराया।
बीएचयू के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने कोई फैसला नहीं लिया
नर्सिंग अफसरों ने रविवार को कुलपति को लिखे पत्र में बताया कि अगर जल्द ही मांगें नहीं मानी गईं तो इमरजेंसी, आईसीयू सहित अन्य सेवाओं को भी ठप करने को बाध्य हो जाएंगे। कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी बीएचयू के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने इस मामले पर कोई भी फैसला नहीं लिया है। पुलिस ने भी तहरीर नहीं ली है।
नर्सिंग ऑफिसर अमित, अभिनव और मनीष के मुताबिक कुलपति को बताया गया कि आए दिन एमएस द्वारा हमें अलग-अलग तरीके से प्रताड़ित किया जाता है। साथ ही राजस्थान का होने की वजह से भी हमारे ऊपर टिप्पणियां भी की जाती हैं। रविवार को समाचार लिखे जाने तक नर्सिंग अफसरों का कार्य बहिष्कार और प्रदर्शन जारी रहा।
नर्सिंग अफसरों को देशभर से समर्थन
नर्सिंग ऑफिसरों को देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेज में तैनात नर्सिंग ऑफिसरों ने समर्थन किया है। वहीं आल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेस फेडरेशन के सेक्रेट्री जनरल जीके खुराना ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को भेजे पत्र में घटना की जानकारी दी है। मामले में कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। इसकी प्रतिलिपि स्वास्थ्य सचिव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, बीएचयू कुलपति समेत अन्य अधिकारियों को भी दी गई है।
इसके अलावा एम्स रायपुर, जोधपुर, भोपाल, बिहार नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन के साथ ही अन्य जगहों से भी पदाधिकारियों ने बीएचयू कुलपति को पत्र भेजकर एमएस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ऐसा न होने पर देश व्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।
समर्थन में उतरे बीएचयू प्रोफेसर
नर्सिंग ऑफिसरों के समर्थन में बीएचयू के प्रोफेसर भी उतर आए हैं। आईएमएस बीएचयू के हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओमशंकर और बीएचयू इतिहास विभाग के प्रोे. एमपी अहिरवार ने फेसबुक पर पोस्ट के माध्यम से एमएस द्वारा पिटाई की निंदा करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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निदेशक ने की काम पर लौटने की अपील
नर्सिंग ऑफिसरों से आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. बीआर मित्तल ने काम पर लौटने की अपील की है। रविवार को जारी अपील में प्रो. मित्तल ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौर में मरीजों की सेवा करना जरूरी है। जो भी समस्याएं हैं, उसका संज्ञान लेते हुए नियमानुसार समाधान कराया जाएगा। इसके बाद भी नर्सिंग अफसर नहीं माने।
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