मरीजों की जान पर आफत: बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में एबीजी मशीन खराब, कब तक बनेगी- अधिकारी बताने को नहीं तैयार
बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी की हकीकत यह है कि यहां ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन सेचुरेशन जांच तो हो रहा है, लेकिन गंभीर मरीजों की एबीजी जांच नहीं हो पा रही है।
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एबीजी यानि आर्टेरियल ब्लड गैस। यह एक ऐसी मशीन है, जो कि गंभीरावस्था में अस्पताल आने वाले मरीजों के इलाज में बहुत उपयोगी साबित होती है। इस मशीन से जांच के बाद ही संबंधित मरीज के शरीर में रक्त में ऑक्सीजन के आधार पर अंगों की सही स्थिति का पता चल पाता है। सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) में चल रही बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में करीब एक सप्ताह से मशीन खराब पड़ी है।
इस वजह से दूर दराज से आने वाले गंभीर मरीजों की जान पर आफत बन आई है। कब बनेगी, इस बारे में कोई जानकारी भी मरीजों को नहीं दी जा रही है। बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में केवल वाराणसी ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों और बिहार, झारखंड आदि जगहों से 200 से 250 मरीज रोजाना आते हैं।
मरीज और उनके परिजनों को परेशानी
इमरजेंसी में ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन सेचुरेशन, एबीजी सहित बहुत सी ऐसी जांच होती है, जिसकी मशीन हर समय सही रहनी चाहिए। इस समय बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी की हकीकत यह है कि यहां ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन सेचुरेशन तो हो रहा है, लेकिन गंभीर मरीजों की एबीजी जांच नहीं हो पा रही है। इस वजह से मरीज और उनके परिजनों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
क्या है एबीजी मशीन का काम
अस्पताल की इमरजेंसी में एबीजी मशीन खराब होने की सूचना दीवारों पर चस्पा कराई गई है। जिस जगह पर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ बैठते हैं, उसके ठीक पीछे दीवार पर यह सूचना चस्पा कराई गई है।
एबीजी मशीन किसी तरह की दुर्घटना या अन्य कारणों से बीमार मरीज के शरीर में रक्त में ऑक्सीजन के आधार पर अंगाें की स्थिति का पता लगाने में सहायक होती है। अगर सही समय पर यह पता चल जाए कि मरीज के शरीर का कौन सा अंग काम नहीं कर रहा है तो उसका तुरंत इलाज शुरू किया जा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार अगर एबीजी मशीन खराब हो या किसी भी अस्पताल में न हो तो गंभीर मरीजों की स्थितियां बिगड़ सकती हैं।
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