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BHU Hospital: अव्यवस्था झेल रहे मरीज और तीमारदार, कीचड़ के बीच इंतजार बनी मजबूरी

Fri, 22 Jul 2022 06:16 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 22 Jul 2022 06:16 PM IST
सार

बीएचयू अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अस्पताल का कायाकल्प कराया तो जा रहा है लेकिन मरीजों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। 

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BHU Hospital condition Patients and attendants wait amidst mud facing lots of problem
मेडिसिन विभाग के बाहर इंतजार कर रहे मरीज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीएचयू अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अस्पताल का कायाकल्प कराया तो जा रहा है लेकिन मरीजों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। मेडिसिन विभाग की ओपीडी का हालत सबसे ज्यादा खराब है। पर्चा जमा करने के बाद मरीजों को जमीन पर बैठकर इंतजार करना पड़ रहा है।

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बृहस्पतिवार को महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग सब ओपीडी गेट के सामने नीचे बैठे रहे। कुछ लोग एक किनारे जमा गंदे पानी में पैर लटकाकर टूटी कुर्सियों पर किसी तरह बैठे रहे। कुछ ने ईंटों का सहारा लिया। इस तरह की स्थिति तब है जब खुद अस्पताल के एमएस भी इसी विभाग के प्रोफेसर हैं और उनकी ओपीडी भी सोमवार को होती है।
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डिस्प्ले बोर्ड खराब होने से बढ़ी परेशानी
बीएचयू अस्पताल में हर दिन 20  से अधिक विभागों की ओपीडी में पांच हजार से अधिक मरीज वाराणसी और आसपास के जिलों से आते हैं। डॉक्टर को समय से दिखाने के लिए बहुत से लोग तो एक दिन पहले ही अस्पताल में आ जाते हैं। सुबह लाइन में लगकर पर्चा कटाने के बाद ओपीडी में पहुंचते हैं।

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टोकन सिस्टम के लिए लगा डिस्प्ले बोर्ड खराब होने से पर्चा जमा करने के बाद डॉक्टर कब देखेंगे, उनकी बारी कब आएगी, इसकी सही जानकारी नहीं मिल पाती है। लिहाजा मरीजों को परेशान होना पड़ता है। हृदय रोग विभाग, मेडिसिन विभाग, ऑन्कोलॉजी, जनरल सर्जरी सहित कई विभागों में डॉक्टर को दिखाने के लिए मारामारी देखने को मिलती है।  

केस-1 
ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट की ओपीडी में बिहार से 41 वर्षीय महिला को लेकर परिजन बृहस्पतिवार सुबह पहुंचे। सुबह 10 बजे पर्चा जमा करने के बाद बाहर खड़े रहे। डॉक्टर के कमरे के बाहर टोकन नंबर वाला डिस्प्ले बोर्ड बंद पड़ा था। किसी तरह 12 बजे डॉक्टर को दिखा सके। 
केस-2
लालगंज से 15 वर्षीय बच्ची को लेकर परिजन दोपहर में एक बजे मेडिसिन की ओपीडी में पहुंचे। पंजीकरण कक्ष में बैठे कर्मचारी ने 370 मरीजों का पंजीकरण पूरा होने का हवाला देते हुए शुक्रवार को आने की बात कही। इसके बाद परिजन वापस चले गए। 

स्ट्रेचर पर मरीज, हाथ में रसीद, नहीं हो सका एक्सरे

 बीएचयू अस्पताल में बृहस्पतिवार को मरीजों को एक्सरे कराने के लिए परेशानी झेलनी पड़ी। ओपीडी से डॉक्टर को दिखाने के बाद मरीज जांच कराने पहुंचे तो वहां एक्सरे कक्ष पर ताला लटका मिला। सबसेे अधिक परेशानी उन मरीजों को हुई जिन्हें परिजन स्ट्रेचर पर लेकर पहुंचे थे। 

कमरा नंबर दस में तैनात कर्मचारी ने मशीन खराब होने की वजह से जांच न होने की बात कही तो मरीज और परिजन चिंतित हो गए। बलिया, जौनपुर, बिहार, वाराणसी से कोई पत्नी के साथ जांच कराने पहुंचा था तो किसी को माता/पिता की जांच करानी थी। रेडियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आशीष वर्मा ने बताया कि कमरा नंबर पांच में रखी मशीन का सॉफ्टवेयर खराब होने से जांच नहीं हो पाई। इसके अलावा कमरा नंबर 10 वाले मशीन में भी तकनीकी खराबी आ गई थी। दस नंबर वाली मशीन बाद में सही हो गई, जिस पर दोपहर दो बजे के बाद कुछ जांच हुई है।

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