बीएचयू: प्रशासन ने मानी छात्रों की मांगें, समाप्त हुआ धरना, 24 घंटे बाद खुला का मुख्य द्वार
बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीसी कॉपरी ने कहा कि संकाय प्रमुख, निदेशकों की बैठक में छात्रों की सुविधा के लिए ऑनलाइन, ऑफलाइन दोनों माध्यम में परीक्षा का निर्णय लिया गया है। इसके लिए संबंधित संकाय में छात्र को आवेदन करना होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीएचयू में हाईब्रिड यानी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से कक्षाएं चलाए जाने और परीक्षा की मांग को आखिर विश्वविद्यालय प्रशासन ने मान लिया है। इसी के साथ एक सप्ताह से धरना देने के बाद बुधवार शाम से ही मुख्य द्वार बंद कर बैठे छात्रों ने धरना समाप्त किया, तब जाकर मुख्य द्वार का रास्ता साफ हो सका।
दिन में कुलपति की अध्यक्षता में संकाय प्रमुख, निदेशकों की बैठक में फैसले के बाद प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने इसकी घोषणा धरना स्थल पर की तब छात्र माने। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद विश्वविद्यालय में ऑफलाइन कक्षाओं को बहाल कर दिया गया है।
कई छात्र ऐसे हैं, जो विश्वविद्यालय के बंद होने की वजह से घर चले गए और अभी नहीं आए हैं। ऐसे में छात्रों की मांग है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ऑनलाइन और आफलाइन दोनों माध्यम से कक्षाएं चलाने के साथ ही इस बार ओपन बुक परीक्षा प्रणाली के तहत ही परीक्षा कराएं।
मुख्य द्वार बंद होने से मरीजों को परेशानी
इसके पीछे उन्होंने अधिकांश समय तक ऑनलाइन कक्षाएं चलाए जाने का हवाला दिया था। कुलपति आवास पर सात दिन तक धरने के बाद बुधवार शाम को केंद्रीय कार्यालय पर इसी मांग को लेकर उनकी सुरक्षाकर्मियों के साथ ही नोकझोंक हुई थी। छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों पर पिटाई का आरोप लगाते हुए मुख्य द्वार बंद कर धरना दिया। पूरी रात छात्र धरने पर बैठे रहे।
बुधवार शाम से धरने पर बैठे छात्रों का धरना बृहस्पतिवार को भी दिन भर जारी रहा। मुख्य द्वार के बंद होने की वजह से अस्पताल में आने वाले मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। दोपहर में कुछ समय के लिए मुख्य द्वार के दोनों किनारे पर बने छोटे गेट भी बंद रहे।
इस वजह से दूर दराज से आने वाले मरीज अंदर नहीं जा सके। कुछ देर बाद छोटे गेट तो खुले लेकिन मुख्य द्वार बंद रहा। अब शाम को प्रॉक्टर डॉ.धीरेंद्र राय ने यहां आकर विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले की जानकारी दी तब जाकर छात्र माने।