Varanasi: एनआईए की कार्रवाई के खिलाफ भगत सिंह मोर्चा का प्रदर्शन, बीएचयू गेट पर पुलिस से तीखी बहस
वाराणसी और आजमगढ़ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एनआईए की छापेमारी के खिलाफ बुधवार को भगत सिंह मोर्चा ने बुधवार को प्रदर्शन किया। बीएचयू के लंका गेट पर जुटे मोर्चा के सदस्यों ने हाथों में पोस्टर लेकर जमकर नारेबाजी की।
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वाराणसी और आजमगढ़ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एनआईए की छापेमारी के खिलाफ बुधवार को भगत सिंह मोर्चा ने बुधवार को प्रदर्शन किया। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के लंका गेट पर जुटे मोर्चा के सदस्यों ने हाथों में पोस्टर लेकर जमकर नारेबाजी की। सूचना के बाद मौके पर पुलिस से मोर्चा के सदस्यों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई।
भेलूपुर एसीपी ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटने की डेडलाइन दी। इसे लेकर मोर्चा की महिला सदस्यों के साथ तीखी बहस हुई। एनआईए ने मंगलवार को भगत सिंह छात्र मोर्चा बीएचयू इकाई की अध्यक्ष आकांक्षा और व सह-सचिव सिद्धि के आवास पर छापा मारकर घंटों पूछताछ की थी। बुधवार दोपहर दोनों छात्राओं ने प्रेसवार्ता कर एनआईए की कारवाई पर सवाल उठाए। इसके बाद शाम में बीएचयू लंक गेट पर मोर्चा के साथियों के साथ प्रदर्शन किया।
आकांक्षा आजाद बोली- हम डरने वाले नहीं
भगत सिंह छात्र मोर्चा बीएचयू इकाई की अध्यक्ष आकांक्षा व सह-सचिव सिद्धि ने कहा कि एनआईए बीजेपी की एजेंसी की तरह काम कर रही है। इससे हम किसी भी कीमत पर डरने वाले नहीं है। बीएचयू परिसर स्थित मधुबन में प्रेस वार्ता में दोनों ने कहा कि इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
इस दौरान मोर्चा के अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि छापेमारी को केंद्र की बीजेपी सरकार द्वारा 2024 के चुनाव से जोड़कर देखा जा सकता है। राजनीतिक विरोधियों की आवाज को बल पूर्वक दबाने का यह प्रयास है। केवल एनआईए ही नहीं बल्कि ईडी और सीबाआई जैसी तमाम एजेंसियां सरकार की बी टीम बनकर केवल विरोधियों को दबाने का काम कर रही है।