सिपाही की खुदकुशी: सुरेरी थानाध्यक्ष निलंबित, एसआईटी करेगी दो थानों की जांच; 4 पुलिसकर्मी 8 अज्ञात पर केस
जलालपुर और सुरेरी थाने में दर्ज मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। सीओ सिटी के नेतृत्व वाली टीम में एक निरीक्षक और एक उपनिरीक्षक शामिल होंगे। जलालपुर में 17 सितंबर को चार अज्ञात लोगों के खिलाफ, जबकि एक दिन पहले सुरेरी में चार अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। सर्विलांस टीम भी साक्ष्य जुटा रही है।
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पहले जलालपुर, फिर सुरेरी में दर्ज प्राथमिकी से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। मामले को डीआईजी वाराणसी रेंज वैभव कृष्ण ने विशेष अन्वेषण टीम (एसआईटी) का गठन किया है। एएसपी ग्रामीण आतिश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में कार्य करेंगे। सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता टीम लीड करेंगे।
टीम में जिले में तैनात एक निरीक्षक और एक उपनिरीक्षक सह विवेचक के रूप में शामिल किए गए हैं। तकनीकी साक्ष्य संकलन के लिए प्रभारी सर्विलांस सेल को भी टीम में शामिल किया गया है। टीम दोनों मामलों की गहनता से विवेचना कर साक्ष्य संकलित करेगी। एसपी कुंवर अनुपम सिंह टीम का निरन्तर पर्यवेक्षण करेंगे।
एसआईटी 17 सितंबर को जलालपुर थाना में दर्ज प्राथमिकी की भी जांच करेगी, जिसमें जलालपुर थाना क्षेत्र के रामपुर सेवरी निवासी विजय राजभर ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि 15 सितंबर को वह कुठिया में अपनी जूते-चप्पल और कपड़े की दुकान पर थे। संकीत सिंह नाम के व्यक्ति ने उसे बहाने से बरम बाबा के पास ले गया, जहां पहले से चार लोग चार पहिया वाहन के साथ मौजूद थे। वहां उसके साथ मारपीट की गई और तीन लाख रुपये घर से मंगाने का दबाव बनाया गया।
मोबाइल छीनकर यूपीआई का पासवर्ड पूछने के बाद अलग-अलग खातों में 25-25 हजार रुपये भेजे गए और एटीएम से भी एक लाख रुपये निकलवा लिए। पुलिस ने मामले में संकीत सिंह और विकास और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। इसी बीच सुरेरी थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह थाने से ड्यूटी से बिना उच्चाधिकारियों को जानकारी दिए सीयूजी नंबर थाने पर ही छोड़कर गायब हो गए, जिसे जलालपुर में दर्ज प्राथमिकी से जोड़कर देखा जाने लगा।
जांच में उनका व्यक्तिगत मोबाइल बंद आने लगा। हालांकि मामले ने तूल पकड़ा तो एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने उन्हें निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया। रविवार को सिपाही सुरेरी में सिपाही अभिषेक सिंह (25) का सुसाइड का मामला सामने आ गया। अभी मामला ठंडा भी नहीं हुआ कि वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के चिलबिला निवासी सुशील कुमार पाण्डेय ने एसपी से सुरेरी पुलिस की शिकायत की।
आरोप लगाया कि परिचित राजेंद्र दूबे ने उसे बुलाया और कार में बैठे तीन-चार लोगों ने खुद को पुलिस कर्मी बताते हुए उसे जबरन सुरेरी थाने पहुंचाया। आरोप है कि थाने में उसके हाथ में अवैध असलहा पकड़ाकर उसका वीडियो बनाया गया और सादे कागज पर हस्ताक्षर कराए गए। उसे पांच लाख रुपये न देने पर अवैध असलहा और गांजा बरामद दिखाकर मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी गई। साथ पैर में गोली मारकर जेल तक भेजने की धमकी दी गई।
परिवार के थाने पहुंचने के बाद 1.05 लाख रुपये नकद लिए गए। इसके अलावा मारपीट कर जबरदस्ती यूपीआइ नंबर पूछकर वंशनारायण गिरी के खातों में 55 हजार, पांच हजार और 299 रुपये ट्रांसफर कर लिए। इस मामले में एक दिन पहले राजेंद्र दूबे, वंशनारायण गिरी और चार अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया गया है।
जलालपुर और सुरेरी थाने में पंजीकृत मुकदमे की निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित विवेचना सुनिश्चित करने के लिए विशेष अन्वेषण टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। संबंधित नामित अधिकारियों को जिम्मेदारी दे गई है। एसपी की ओर से टीम का निरंतर पर्यवेक्षण किया जाएगा। विवेचना की प्रगति की समीक्षा परिक्षेत्रीय स्तर पर सूक्ष्मता से की जाएगी। - वैभव कृष्ण डीआईजी वाराणसी रेंज