फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Bangladeshi arrested for living in Sarnath for 15 years with help of fake documents in varanasi

UP ATS का एक्शन: फर्जी कागजात की मदद से 15 साल से वाराणसी में रह रहा बांग्लादेशी गिरफ्तार, पढ़ें- पूरा मामला

Wed, 09 Apr 2025 10:06 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Wed, 09 Apr 2025 10:06 AM IST
सार

Varanasi Latest News: वाराणसी जिले के सारनाथ में फर्जी कागजात की मदद से 15 साल से रह रहे बांग्लादेशी को गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए गए हैं।

विज्ञापन
Bangladeshi arrested for living in Sarnath for 15 years with help of fake documents in varanasi
गिरफ्तार बांग्लादेशी होल मोंग सिंग मार्मा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फर्जी भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड और पैन कार्ड सहित अन्य कागजात की मदद से सारनाथ चौक, बरईपुर में किराये पर 15 साल से रह रहे एक बांग्लादेशी को मंगलवार की रात यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया। गिरफ्त में आए आरोपी की पहचान बांग्लादेश के बंदरवन जिले के नायककपारा रूमा निवासी होल मोंग सिंग मार्मा के रूप में हुई है।

विज्ञापन


ये है पूरा मामला
सारनाथ चौक, बरईपुर में वह किराये के मकान में मोंग फ्रू मोग के नाम से बने कागजात की मदद से रह रहा था। यूपी एटीएस की वाराणसी इकाई ने सारनाथ थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा कर उसे पुलिस को सौंप दिया। मोंग फ्रू मोग के अनुसार वह बौद्ध धर्म का अनुयायी है। उसके पास से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए गए हैं।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें; Varanasi News: बीएचयू अस्पताल में सोते समय महिला मरीज के बेड पर गिरा पंखा, बाल- बाल बची
विज्ञापन
विज्ञापन


यूपी एटीएस की वाराणसी इकाई को सूचना मिली थी कि मोंग फ्रू मोग बांग्लादेशी है और फर्जी कागजात को मदद से वह सारनाथ में रह रहा है। जांच में मामला सही पाए जाने पर एटीएस की टीम मोंग फ्रू मोग को सारनाथ थाने लाई।



एटीएस और पुलिस की संयुक्त टीम की पूछताछ में मोंग फ्रू मोग ने बताया कि वर्ष 2010 में अवैध तरीके से मिजोरम आया। वहां सक्रिय भारत में अवैध तरीके से बसाने वाले गिरोह की मदद से उसने फर्जी भारतीय पासपोर्ट वगैरह बनवाया। इसके बाद असम और बिहार होते हुए सितंबर 2010 में सारनाथ आया।

इसे भी पढ़ें; PM Modi Varanasi Visit: पुलिस की निगरानी में पीएम का जनसभा स्थल, फोर्स तैनात; ग्रामीणों का हो रहा सत्यापन

सारनाथ में वह बुद्धिस्ट टेंपल में हेल्पर का काम करने लगा। इसके साथ ही सारनाथ के पते पर आधार कार्ड भी बनवा लिया। बुद्धिस्ट टेंपल में कम पैसा मिलने के कारण वह वहां काम करना छोड़ दिया। फिलहाल वह सारनाथ म्यूजियम के समीप हैंडीक्राफ्ट की एक दुकान में 15 हजार रुपये प्रतिमाह पर काम कर रहा था। 

उधर, इस संबंध में एसीपी सारनाथ डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि एटीएस द्वारा एक बांग्लादेशी को गिरफ्तार कर सारनाथ थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। उससे विस्तार से पूछताछ की जा रही है। आरोपी को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

इसे भी पढ़ें; Varanasi News: पूर्व थानाध्यक्ष और डॉक्टर पर परिवाद दर्ज करने का आदेश, जानें- क्या है पूरा मामला    
 
सारनाथ में रहते हुए म्यांमार की युवती से किया शादी
मोंग फ्रू मोग ने बताया कि वर्ष 2019 में म्यांमार के पर्यटकों का एक दल सारनाथ आया था। उस दल की एक युवती से उसकी दोस्ती हुई। उससे मिलने के लिए वह म्यांमार गया और वर्ष 2019 में ही उससे शादी कर ली। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed