बनारस बना एक्सपोर्ट हब: पूर्वांचल से विदेश भेजा गया हजारों टन फल-सब्जी और अनाज, अब निर्यात के गुर भी सीखेंगे किसान
विदेशों में बनारसी सब्जियों और अनाज की बढ़ रही मांग को देखते हुए पूर्वांचल के किसान उसी हिसाब से खेतों में पैदावार करेंगे। इसके लिए कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) पूर्वांचल के किसानों को प्रशिक्षित करेगा
विस्तार
बीते तीन वर्षों में बनारस सहित पूर्वांचल के प्रगतिशील किसानों के कृषि उत्पादों को खाड़ी देशों, लंदन, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में हजारों टन फल, सब्जी और अनाजों के निर्यात किया गया है। विदेशों में बनारसी सब्जियों और अनाज की बढ़ रही मांग को देखते हुए पूर्वांचल के किसान उसी हिसाब से खेतों में पैदावार करेंगे।
निर्यात के लिए उपयुक्त सब्जी व अनाज को तैयार करने के लिए कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) पूर्वांचल के किसानों को प्रशिक्षित करेगा। एपीडा आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी (एआईटेक) के माध्यम से किसानों को एक मंच पर लाने जा रहा है। इसके लिए एक सॉफ्टवेयर तैयार किया जाएगा। जिसके माध्यम से किसानों को निर्यात से जुड़ी आधुनिक जानकारी, खेती करने की आधुनिक तकनीक सहित बुनियादी सभी जानकारी दी जाएगी।
एआईटेक के माध्यम से दक्षिण भारत के किसान खुशहाल
दक्षिण भारत के कई राज्यों के किसान एआईटेक से जुड़कर आधुनिक खेती करके अपने कृषि उत्पाद विदेश में आसानी से भेज रहे हैं। इसी तर्ज पर अब इसके पूर्वांचल समेत पूरे पूर्वी भारत के प्रगतिशील किसानों को एक सॉफ्टवेयर के माध्यम से आधुनिक तकनीक सिखाई जाएगी।
जिससे वे उन्नत खेती कर सकेंगे। इसके तहत किसानों को ड्रोन, ड्रिप सिंचाई, आधुनिक मशीनों से बीज की सीधी बुवाई सहित अन्य मूलभूत सुविधा भी मिल सकेंगी। एपीडा के सहायक महाप्रबंधक डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि किसानों को प्रशिक्षित करने के लिए सॉफ्टवेयर तैयार करा लिया गया है। निर्यात के लिए किसानों की चिन्हित कर अगले एक दो सप्ताह में उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ऐसे हुई निर्यात की शुरुआत
दिसंबर 2019 में वाराणसी से दुबई के जेबेल अली पोर्ट के लिए कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) 14 टन हरी मिर्च के पहले परीक्षण शिपमेंट के निर्यात की सुविधा प्रदान की गई थी। इसके बाद बनारस से तीन टन ताजी सब्जियां लंदन को, तीन टन आम दुबई को, 1.2 टन आम लंदन को, 520 टन बनारस से सांबा, चावल कतर को और 80 टन चंदौली का क्षेत्रीय काला चावल 2020 में कोविड महामारी के दौरान ऑस्ट्रेलिया को निर्यात किया गया।
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