फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Ballia ranks first stubble burning one case Sonbhadra two and half months Satellite caught 390 cases

UP : पराली जलाने में बलिया पहले स्थान पर, सोनभद्र में ढाई महीने में एक केस; सेटेलाइट ने पकड़े 390 मामले

Fri, 06 Dec 2024 03:22 PM IST
अमन विश्वकर्मा हीरालाल चौरसिया, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
हीरालाल चौरसिया, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 06 Dec 2024 03:22 PM IST
सार

Varanasi News : पराली जलाने को लेकर भारतीय कृषि अनुसंधान परिसर ने सख्ती दिखाई है। ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों में सेटेलाइट से निगाह रखी जा रही है। विभाग के अनुसार, यदि कोई किसान पराली जलाने की पुनरावृत्ति करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाती है।

विज्ञापन
Ballia ranks first stubble burning one case Sonbhadra two and half months Satellite caught 390 cases
पराली को लेकर बरती जा रही सावधानी। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिलों में भले ही पराली जलाने की घटनाएं अधिक रही हों, लेकिन पूर्वांचल के कुछ जिले भी पीछे नहीं हैं। आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) की सेटेलाइट ने ढाई महीने में पूर्वांचल के 10 जिलों में 390 मामले पकड़े हैं। इसमें सबसे ज्यादा बलिया में पराली जलाने के 87 मामले हैं। जबकि आजमगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ में भी 50 से 80 मामले हैं। वहीं, सबसे कम सोनभद्र में एक और वाराणसी में चार केस हैं। कृषि विभाग ने इन पर जुर्माना लगाया है।

विज्ञापन


आईसीएआर ने सेटेलाइट तकनीक के जरिये 15 सितंबर से 30 नवंबर तक देशभर के प्रदेशों में पराली जलाने की घटना को कैप्चर किया। इसमें पंजाब, हरियाणा के अलावा पश्चिमी यूपी में ज्यादा मामले सामने आए। वहीं, पूर्वांचल के कुछ जिलों में भी किसान पराली जलाने से बाज नहीं आए। 
विज्ञापन


इसमें सबसे ज्यादा बलिया में 87 मामले सामने आए। वहीं, आजमगढ़ में 61, जौनपुर में 78, गाजीपुर में 53, मऊ में 52, चंदौली में 32 मामले पराली जलाने के रिकॉर्ड किए गए। वहीं, सोनभद्र में एक, वाराणसी में चार और भदोही में 12 मामले दर्ज किए गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

पांच सालों में आए 1532 मामले
पूर्वांचल के 10 जिलों में बीते पांच साल में पराली जलाने की कुल 1532 घटनाएं हुईं। इसमें भी सबसे ज्यादा बलिया में 449, जौनपुर 269, आजमगढ़ में 241, गाजीपुर में 181, मऊ में 161, चंदौली में 131, मिर्जापुर में 56, भदोही में 26, वाराणसी में 14, सोनभद्र में चार घटनाएं हुईं।

ये है जुर्माने की राशि
पराली जलाने के मामले में शासन ने जुर्माने की राशि दोगुना करते हुए कार्रवाई का प्रावधान किया है। दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों से 2500 रुपये जुर्माना, दो से पांच एकड़ भूमि वालों पर 5000 रुपये और पांच एकड़ से अधिक भूमि में पराली जलाने वाले किसानों पर 15000 रुपये तक का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है। यदि कोई किसान पराली जलाने की पुनरावृत्ति करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाती है।

पराली जलाने के ये हैं दुष्प्रभाव
क्षेत्रीय भूमि परीक्षण प्रयोगशाला के सहायक निदेशक राजेश राय ने बताया कि पराली जलाने से पार्टिकुलेट मैटर, कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन जैसे हानिकारक प्रदूषक निकलते हैं। इसके तमाम दुष्प्रभाव हैं। मिट्टी के पोषक तत्वों में कमी आती है। साथ ही वायु को प्रदूषित करने के साथ ही मानव के सांस लेने, एलर्जी और आंखों में जलन जैसी समस्या बढ़ जाती है। ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन बढ़ जाता है।

इनकी भी सुनें
पराली जलाने से रोकने के लिए हर साल जागरूकता अभियान चलाया जाता है। पराली को उर्वरक में बदलने के लिए वेस्ट डी-कंपोजर किसानों को दिए गए। फिर भी जिन किसानों को पराली जलाते सेटेलाइट ने पकड़ा है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। - एके सिंह, प्रभारी, संयुक्त कृषि निदेशक, वाराणसी मंडल

जिले में कुल 87 मामले आए थे। इसमें से 48 मामले सत्यापित हुए हैं। इन पर जुर्माने की कार्रवाई चल रही है। पराली जलाने से रोकने के लिए किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। - मनीष सिंह, उपनिदेशक कृषि, बलिया

जिला 2020 2021 2022 2023 2024
आजमगढ़ 68 43 30 39 61
बलिया 174 88 60 40 87
चंदौली 53 26 15 5 32
गाजीपुर 41 30 34 23 53
जौनपुर 59 44 40 48  
मऊ 43 23 13 30 52
मिर्जापुर 14 18 7 2 15
संतरविदास नगर 5 6 5 3 7
सोनभद्र 1 2 0 0 1
वाराणसी 2 5 0 5 4

(नोट-सेटलाइट से पकड़ी गई वर्षवार पराली जलाने के मामले)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed