{"_id":"67d64b20a2a1a80e2809cc57","slug":"baba-vishwanath-applied-kachnar-colour-of-ayodhya-on-holi-har-har-mahadev-resonated-2025-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Holi: बाबा विश्वनाथ को लगाया अयोध्या के कचनार का गुलाल, परिसर में गूंजा हर-हर महादेव; भक्तों की लगी भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Holi: बाबा विश्वनाथ को लगाया अयोध्या के कचनार का गुलाल, परिसर में गूंजा हर-हर महादेव; भक्तों की लगी भीड़
Sun, 16 Mar 2025 09:23 AM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Sun, 16 Mar 2025 09:23 AM IST
सार
होली के अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम में भी भक्तों ने रंगोत्सव का लुत्फ उठाया। बाबा के दर्शन के बाद भक्तों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया। मंदिर प्रशासन ने भी त्योहार की खास तैयारियां की थी।
विज्ञापन
काशी विश्वनाथ धाम में भक्तों ने मनाई होली।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Holi: होली पर बाबा विश्वनाथ के आराध्य भगवान राम की नगरी का गुलाल अर्पित किया गया। अयोध्या के कचनार से बना गुलाल बाबा विश्वनाथ को लगाकर धाम में होली की शुरुआत हुई। लगातार दूसरे साल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भेजे गए कचनार के फूलों से निर्मित गुलाल बाबा को अर्पित किया गया। बाबा के भक्तों ने मथुरा और सोनभद्र के गुलाल से जमकर होली खेली।
विज्ञापन
श्री काशी विश्वनाथ धाम में शुक्रवार को बाबा विश्वनाथ को भगवान श्रीराम के नगरी अयोध्या के कचनार पुष्प से बने हर्बल गुलाल की भेंट दी गई। यह विशेष गुलाल लखनऊ के नेशनल बोटेनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा तैयार किया गया था। गुलाल को विशेष वाहक द्वारा लखनऊ से वाराणसी भेजा गया था।
विज्ञापन
होली के दिन न्यास के अधिकारियों ने बाबा विश्वनाथ को यह विशेष गुलाल अर्पित किया। इस अवसर पर, मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण और डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण ने भगवान विश्वनाथ को गुलाल अर्पित किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा भेजे गए कचनार फूलों से बने इस हर्बल गुलाल को पहली बार वर्ष 2024 में भगवान विश्वनाथ को अर्पित किया गया था।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने अनोखी परंपरा की शुरुआत की थी, जो भगवान विश्वनाथ को प्राकृतिक और शुद्ध गुलाल की भेंट देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। बाबा विश्वनाथ का गर्भगृह गुलाल की आभा से दमक रहा था। बाबा की सप्तर्षि आरती में भी भक्तों ने शाम को बाबा को गुलाल अर्पित किया। पूरे परिसर में लाल, हरे और पीले रंग के गुलाल की रंगत देखते ही बन रही थी।