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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Baba Lat Bhairav marriage festival Shobha Yatra reached Lat Bhairav Kund from Visheshwarganj in five hours

बाबा लाटभैरव का विवाहोत्सव: पांच घंटे में विशेश्वरगंज से लाट भैरव कुंड पहुंची शोभायात्रा, अनवरत चलता रहा रथ

Mon, 08 Sep 2025 02:52 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Mon, 08 Sep 2025 02:52 PM IST
सार

शोभायात्रा के दौरान हाथी, घोड़े, ऊंट, शहनाई, बैंड- बाजे, डीजे, डमरू दल के वादक बरात के साथ आगे-आगे चल रहे थे। बरात से पहले बाबा के गणों के आने के कोलाहल से समूचे बारात मार्ग के भक्त आरती की थाली लिए पहले से तैयार खड़े थे।

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Baba Lat Bhairav marriage festival Shobha Yatra reached Lat Bhairav Kund from Visheshwarganj in five hours
बाबा लाटभैरव का विवाहोत्सव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिर पर मौर धारण किए, रथ पर सवार होकर काशी के न्यायाधीश बाबा लाटभैरव सड़कों पर निकले तो हर आंखें उन्हें अपलक निहारती रहीं। बाबा के विशाल रजत मुखौटे के दमकते नेत्रों की लालिमा देखते ही बन रही थी। चंद्रग्रहण के सूतककाल का ध्यान देते हुए दोपहर 12:30 बजे रजत मुखौटे को विग्रह पर विराजमान कराया गया। 12 घंटे में विशेश्वरगंज से लाटभैरव कुंड पहुंचने वाली बरात पांच घंटे में ही पहुंच गई।
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रविवार की भोर में इन्ना माई की गली स्थित बसंत सिंह राठौर के निवास पर बरातियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। ग्रहण के कारण लगने वाले सूतक के पहले आयोजन संपन्न कराने की जुगत में हर कोई लगा था। श्री कपाल भैरव अथवा लाट भैरव प्रबंधक समिति के तत्वावधान में मुख्य अतिथि विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने विधिवत पूजन के बाद नारियल फोड़कर बरात का शुभारंभ किया। गली से सड़क मार्ग तक मुखौटे को पारंपरिक रूप से कंधे पर लेकर भक्तों ने भव्य रथ पर विराजमान कराया।
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बरात संयोजक विक्रम सिंह राठौर अपने सहयोगी सेवादारों के साथ रथ पर मौजूद थे। हाथी, घोड़े, ऊंट, शहनाई, बैंड- बाजे, डीजे, डमरू दल के वादक बरात के साथ आगे-आगे चल रहे थे। बरात से पहले बाबा के गणों के आने के कोलाहल से समूचे बारात मार्ग के भक्त आरती की थाली लिए पहले से तैयार खड़े थे।

11 बजे तक बरात लाटभैरव कुंड पर पहुंच चुकी थी। आचार्य रविंद्र त्रिपाठी के आचार्यत्व में आचार्य अमित भार्गव, कौशल भार्गव ने द्वार पूजन संपन्न कराया। पुजारी नीतेश पांडेय ने सूतक के पहले बाबा की आरती उतारी। तदोपरांत मंदिर के पट ठीक 12:45 पर बंद कर दिए गए। वैवाहिक कार्यक्रम ग्रहण के बाद ब्रह्म मुहूर्त में संपन्न हुआ।

घर की चौखट से ही उतारी सांकेतिक आरती

Baba Lat Bhairav marriage festival Shobha Yatra reached Lat Bhairav Kund from Visheshwarganj in five hours
बाबा लाटभैरव का विवाहोत्सव - फोटो : अमर उजाला
निर्धारित समय पर समस्त कार्यक्रम का सम्पन्न होना बरात की शोभायात्रा पर ही निर्भर था। इसलिए प्रबंध समिति के पदाधिकारी बरात के आगे भक्तों से दूर से आरती करने व रथ न रोकने का आग्रह कर रहे थे। श्रद्धालुओं ने आग्रह को सिर माथे लगाया। महिलाएं छतों-बरामदों से पुष्पवर्षा कर रही थीं। घर की चौखट से ही सभी ने सांकेतिक रूप से आरती उतारी।

चंद्रग्रहण की समाप्ति के बाद शुरू हुए वैवाहिक अनुष्ठान
चंद्रग्रहण की समाप्ति के बाद बाबा के दरबार में वैवाहिक अनुष्ठान प्रारंभ हुआ। अष्ट भैरव के मध्य बाबा श्री लाटभैरव का लिंगाकर नयनाभिराम स्वरूप सुशोभित था। चटक लाल रंग के वस्त्र में दूल्हा बने बाबा लाट भैरव की मनोहर छवि देखते ही बन रही थी। बाबा दरबार को भव्य विवाह मंडप का स्वरूप दिया गया था। इसमें कोहबर और मड़वा भी लगे हुए थे। अनुष्ठानों के साथ ही बाबा कपाल भैरव माता भैरवी से विवाह के बंधन में एकाकार हुए।

अनुमान के विपरीत बरात से लेकर मंदिर तक श्रद्धालुओं का हुजूम
कज्जाकपुरा स्थित मंदिर में सुबह से ही दर्शन-पूजन का क्रम चलता रहा। समिति के अध्यक्ष रोहित जायसवाल ने बताया कि इस वर्ष ग्रहण के कारण ऐसा अनुमान था कि श्रद्धालु कम संख्या में पहुंचेंगे जबकि इससे उलट हुआ। बरात से लेकर मंदिर तक भारी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे। धार्मिक स्थल संवेदनशील होने के कारण भारी संख्या में पुलिस फोर्स लगाई गई थी। सीपी मोहित अग्रवाल लगातार कार्यक्रम की मॉनिटरिंग कर रहे थे।

भाद्रपद पूर्णिमा पर दर्शन का विशेष पौराणिक महत्व
समिति के मीडिया प्रभारी शिवम अग्रहरि ने कहा कि काशीखंड के 100 वें अध्याय के श्लोकानुसार भादो पूर्णिमा को कपाल मोचन तीर्थ में स्नान, तर्पण व बाबा श्री कपाल भैरव के दर्शन- पूजन से भक्त को रुद्रपिशाचत्व के भय व प्रेतादि बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
 
ये रहे मौजूद
आयोजन के दौरान अध्यक्ष रोहित जायसवाल पार्षद, प्रधानमंत्री छोटेलाल जायसवाल, मंत्री मुन्ना लाल यादव, नंदलाल प्रजापति, कोषाध्यक्ष छोटन केशरी, बच्चे लाल बिंद, सुशील जायसवाल, नागेंद्र सिंह, अज्जू, ओंकार साठे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पूरे कार्यक्रम के दौरान उपस्थित थे।
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