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हत्यारोपी को वीआईपी ट्रीटमेंट मामले में एसओ दोषी

Sun, 22 Dec 2019 11:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 22 Dec 2019 11:15 PM IST
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azamgarh
आजमगढ़। टापटेन अपराधी मुनीब यादव की हत्या की साजिश रचने का आरोपी एवं रानी की सराय ब्लाक के पूर्व प्रमुख इसरार अहमद को गिरफ्तारी के बाद वीआईपी व्यवस्था देने के मामले में प्रथम दृष्टया प्रभारी निरीक्षक को दोषी पाया गया है। मामले की जांच एसपी ने की है।
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23 अगस्त की सुबह छह बजे अंधौरी गांव निवासी मुनीब यादव घर के बरामदे में बैठा हुआ था। तभी दो बाइक पर सवार तीन बदमाश वहां पहुंचे और ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर उसकी हत्या कर दी थी। मुनीब के भाई मुन्नीलाल ने रानी की सराय ब्लाक के पूर्व प्रमुख इसरार अहमद को नामजद और तीन अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। 24 अगस्त को पुलिस ने इसरार अहमद को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। इस दौरान पुलिस थाने से इसरार अहमद कोउसकी लग्जरी गाड़ी में बैठाकर कोर्ट ले गई। वाहन पर एक दल का झंडा भी लगा था। हत्यारोपी को वीआईपी व्यवस्था देने की शिकायत हुई। मामला विभागीय होने से अधिकारियों ने इसे दबाने का प्रयास किया, बाद में डीजीपी ओपी सिंह के निर्देश पर एडीजी वाराणसी जोन बृजभूषण शर्मा ने एसपी से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी थी। एसपी की जांच में रानी की सराय थाने के प्रभारी निरीक्षक केशव प्रसाद द्विवेदी दोषी पाए गए। इस पर एसपी ने उन्हें मिस कंडक्ट देते हुए इसकी रिपोर्ट भेज दी है।
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क्या है मिस कंडक्ट
पुलिसवालों के कामकाज की समीक्षात्मक रिपोर्ट उनके अधिकारियों द्वारा उनकी चरित्र पुस्तिका में लिखी जाती है। इसके आधार पर उन्हें प्रमोशन, वेतन वृद्धि आदि का लाभ मिलता है। चरित्र पुस्तिका में मिस कंडक्ट (कर्तव्य में लापरवाही) लिखे जाने पर इन सभी पर रोक लग जाती है। साथ ही उक्त पुलिसकर्मी को किसी जिम्मेदार पद पर तैनात नहीं किया जाता है।
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कोट
हत्यारोपी को वीआईपी व्यवस्था दिए जाने के मामले में दोषी पाए जाने पर प्रभारी निरीक्षक रानी की सराय को मिस कंडक्ट दे दिया गया है। अन्य विभागीय कार्रवाई भी जल्द की जाएगी। - त्रिवेणी सिंह, एसपी

विवेचना में निकाल दिया नामजद आरोपी का नाम
आजमगढ़। हत्यारोपी से वीआईपी बर्ताव की शिकायत की बाद डीआईजी के निर्देश पर मुनीब यादव की हत्या की जांच मऊ जिले को भेज दी गई। एसपी मऊ ने विवेचना की जिम्मेदारी मोहम्मदाबाद थाने के प्रभारी निरीक्षक चंद्रभाष्कर द्विवेदी को सौंपी, तो उन्होंने मुकदमे से नामजद हत्यारोपी इसरार अहमद का नाम ही निकाल दिया। अब वादी मुकदमा मुन्नीलाल यादव विवेचना इंस्पेक्टर चंद्रभाष्कर के यहां से हटाकर अन्य किसी से कराने के लिए अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर काट रहा है।
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