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10-10 लाख के छह ईनामी आतंकियों का गढ़ यानी आजमगढ़, खोली गई हिस्ट्रीशीट
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 14 Feb 2018 10:51 PM IST
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Terrorist
- फोटो : google
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हाल ही में आईएस के संदिग्ध अबु जैद को दबोचे जाने के बाद एनआईए सहित अन्य खुफिया एजेंसियों की नजर एकबार फिर यूपी के आजमगढ़ की ओर हो गई है। एनआईए की तरफ से घोषित दस-दस लाख के छह फरार आतंकी आजमगढ़ निवासी हैं। बुधवार को देश में कई सीरियल बम धमाकों और दिल्ली के बटला एनकाउंटर के मामले में आजमगढ़ निवासी फरार छह संदिग्ध आतंकियों की सरायमीर थाने की पुलिस ने हिस्ट्रीशीट खोली है।
इन संदिग्धों की हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद अब पुलिस इनका डोजियर तैयार करते हुए इनकी हर गतिविधि पर नजर रखेगी। पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी के अनुसार जिन संदिग्ध आतंकियों पर दस-दस लाख रुपये का ईनाम है और जिनकी हिस्ट्रीशीट खोली गई है।
उसमें सरायमीर थाने के संजरपुर गांव निवासी डा. शहनवाज की 46ए, शादाब उर्फ बड़ा साजिद उर्फ जुनैद चिकना की 37 ए, अबू राशिद की 70 ए, राशिद उर्फ सुल्तान की 26 ए, आसिफ की 20 ए और आफताब की 11 ए हिस्ट्रीशीट नंबर है।
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बता दें कि यह सभी संदिग्ध आतंकियों की संलिप्तता दिल्ली के ओखला में 19 सितंबर 2008 को हुए बटला एनकाउंटर और दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, वाराणसी, गोरखपुर आदि शहरों में हुए कई सिलसिलेवार बम धमाकों में शामिल होना प्रकाश में आया है। यह सभी संदिग्ध आतंकी घटना के बाद से ही फरार चल रहे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इनकी गिरफ्तारी के लिए तमाम प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिली।
इन आरोपियों के गिरफ्तार न होने पर सभी पर एनआईए की तरफ से दस-दस लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। एसपी ने बताया कि अब तक इन आरोपियों की हिस्ट्रीशीट न खुलने की वजह से स्थानीय पुलिस का इनकी गिरफ्तारी सहित अन्य मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं हो पाता था।
पुलिस का हस्तक्षेप न होने की वजह से चोरी छिपे आरोपी इसका फायदा उठा रहे थे। इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अब सभी आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। अब स्थानीय पुलिस भी इनके गतिविधियों के विषय में पता लगाते हुए इनकी गिरफ्तारी कर सकेगी।
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इन संदिग्धों की हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद अब पुलिस इनका डोजियर तैयार करते हुए इनकी हर गतिविधि पर नजर रखेगी। पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी के अनुसार जिन संदिग्ध आतंकियों पर दस-दस लाख रुपये का ईनाम है और जिनकी हिस्ट्रीशीट खोली गई है।
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उसमें सरायमीर थाने के संजरपुर गांव निवासी डा. शहनवाज की 46ए, शादाब उर्फ बड़ा साजिद उर्फ जुनैद चिकना की 37 ए, अबू राशिद की 70 ए, राशिद उर्फ सुल्तान की 26 ए, आसिफ की 20 ए और आफताब की 11 ए हिस्ट्रीशीट नंबर है।
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बता दें कि यह सभी संदिग्ध आतंकियों की संलिप्तता दिल्ली के ओखला में 19 सितंबर 2008 को हुए बटला एनकाउंटर और दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, वाराणसी, गोरखपुर आदि शहरों में हुए कई सिलसिलेवार बम धमाकों में शामिल होना प्रकाश में आया है। यह सभी संदिग्ध आतंकी घटना के बाद से ही फरार चल रहे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इनकी गिरफ्तारी के लिए तमाम प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिली।
इन आरोपियों के गिरफ्तार न होने पर सभी पर एनआईए की तरफ से दस-दस लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। एसपी ने बताया कि अब तक इन आरोपियों की हिस्ट्रीशीट न खुलने की वजह से स्थानीय पुलिस का इनकी गिरफ्तारी सहित अन्य मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं हो पाता था।
पुलिस का हस्तक्षेप न होने की वजह से चोरी छिपे आरोपी इसका फायदा उठा रहे थे। इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अब सभी आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। अब स्थानीय पुलिस भी इनके गतिविधियों के विषय में पता लगाते हुए इनकी गिरफ्तारी कर सकेगी।
पहचान न होने से होती थी परेशानी
terrorist
आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर गांव निवासी जिन फरार दस-दस लाख रुपये के ईनामी आतंकियों का हिस्ट्रीशीटर खोली गई है। उनका फोटो और पहचान न होने की वजह से स्थानीय पुलिस को इस बात का पता ही नहीं चल पाता था कि यह कौन और कैसा है।
इसी बात का यह आरोपी बीच-बीच में फायदा भी उठाते रहे हैं। लेकिन इन आतंकियों की हिस्ट्रीशीटर खुलने के बाद सभी की फोटो और पहचान सार्वजनिक हो जाने की वजह से अब बीट के सिपाही तक को इन पर नजर रखने के लिए लगा दिया गया है। अब यह संदिग्ध आतंकी यदि क्षेत्र में भी चोरी से रह रहे हैं तो पुलिस जल्द इनका पता लगा सकेगी।
पुलिस ले रही आतंकियों का लोकेशन
आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच पड़ताल और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अब तक एनआईए और एटीएस की टीम विशेष तौर से काम कर रही थी। इसमें स्थानीय पुलिस का कोई रोल नहीं होता था। लेकिन जैसे ही इन फरार छह आतंकियों का हिस्ट्रीशीट खोला गया, उसके बाद से सरायमीर थाने की पुलिस इनका लोकेशन लेने में जुट गई है।
एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि इन छह आतंकियों की हिस्ट्रीशीट खोलने के बाद एसओ सरायमीर रामनरेश यादव और सर्विलांस सेल को इन आरोपियों का लोकेशन लेने और जानकारी इकट्ठा करने के लिए लगाया गया है।
पुलिस इनका पता लगाने के लिए इनके नाते, रिश्तेदार सहित अन्य के यहां दबिश देकर और पूछताछ करके इनके लोकेशन और कार्यप्रणाली के विषय में पता लगाने में जुट गई है। उन्होंने कहा है कि हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद अब पुलिस अपने स्तर से इनकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए कार्रवाई करेगी।
इसी बात का यह आरोपी बीच-बीच में फायदा भी उठाते रहे हैं। लेकिन इन आतंकियों की हिस्ट्रीशीटर खुलने के बाद सभी की फोटो और पहचान सार्वजनिक हो जाने की वजह से अब बीट के सिपाही तक को इन पर नजर रखने के लिए लगा दिया गया है। अब यह संदिग्ध आतंकी यदि क्षेत्र में भी चोरी से रह रहे हैं तो पुलिस जल्द इनका पता लगा सकेगी।
पुलिस ले रही आतंकियों का लोकेशन
आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच पड़ताल और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अब तक एनआईए और एटीएस की टीम विशेष तौर से काम कर रही थी। इसमें स्थानीय पुलिस का कोई रोल नहीं होता था। लेकिन जैसे ही इन फरार छह आतंकियों का हिस्ट्रीशीट खोला गया, उसके बाद से सरायमीर थाने की पुलिस इनका लोकेशन लेने में जुट गई है।
एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि इन छह आतंकियों की हिस्ट्रीशीट खोलने के बाद एसओ सरायमीर रामनरेश यादव और सर्विलांस सेल को इन आरोपियों का लोकेशन लेने और जानकारी इकट्ठा करने के लिए लगाया गया है।
पुलिस इनका पता लगाने के लिए इनके नाते, रिश्तेदार सहित अन्य के यहां दबिश देकर और पूछताछ करके इनके लोकेशन और कार्यप्रणाली के विषय में पता लगाने में जुट गई है। उन्होंने कहा है कि हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद अब पुलिस अपने स्तर से इनकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए कार्रवाई करेगी।