हवा में रह गई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बड़ी-बड़ी बातें, दें इस्तीफा : चंद्रशेखर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़ जिले के दौरे पर पहुंचे आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर ने शहर के रोडवेज स्थित एक होटल में केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनाव के समय में कानून-व्यवस्था को लेकर के बड़ी-बड़ी बातें की थीं, लेकिन उनकी कोई भी योजना और बातें धरातल पर नहीं उतरीं। उनको अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार की हवा-हवाई बातों से गरीब लोगों का भरोसा सरकार से उठ चुका है। ऐसी सरकार को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। गरीबों पर अत्याचार करने के लिए राजनीतिक एनकाउंटर किए जा रहे हैं। हम यहां पर एक मजबूत संगठन तैयार करेंगे और आने वाले चुनाव में सक्रिय रूप से प्रतिभाग करेंगे।
आजमगढ़ में कानून-व्यवस्था फेल, एक माह में 40 वारदातें
आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर ने मीडिया से बात करते हुए जिला और पुलिस प्रशासन को निशाने पर रखा। उन्होंने कहा कि जनपद में कानून-व्यवस्था पूरी तरीके से फेल हो चुकी है। 1 महीने में 40 बड़ी वारदातें हुई हैं। इसमें अधिकतर वारदातें गरीब लोगों से जुड़ी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि बांसगांव के प्रधान हत्याकांड के समय जिलाधिकारी से हुई बातचीत में उन्होंने कई आश्वासन दिए थे, लेकिन किसी भी आश्वासन पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। जिस प्रधान की हत्या हुई उसकी प्रधानी चली गई, लेकिन उनके बच्चों की पढ़ाई, परिवार के जीवन यापन और अनुसूचित जाति का सम्मान वापस करने के लिए कोई भी कार्य नहीं किया गया।
मंगलवार को इस मामले में डीएम से मिलने पहुंचने पर उन्होंने कलेक्ट्रेट में तैनात पुलिसकर्मियों पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी और पुलिसकर्मी आम आदमी से इस तरीके से व्यवहार करते हैं तो सोचिए सरकार पर लोगों का क्या भरोसा रह जाएगा।
मजबूती के साथ लड़ेंगे पंचायत चुनाव
आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर ने कहा कि जनपद में मजबूत संगठन तैयार करेंगे। पंचायत चुनाव को मजबूती के साथ लड़ेंगे। पूर्वांचल में अनुसूचित जाति के वोट पर बसपा के प्रभाव को लेकर उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति की वोटों पर तो भाजपा की भी नजर है। प्रधानमंत्री भी इसको लेकर बड़े-बड़े बयान देते हैं, लेकिन इसके उलट यूपी में अनुसूचित जाति का एजुकेशन बजट कम कर दिया गया है।
शिक्षकों की भर्ती में अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों को आरक्षण का उचित लाभ नहीं दिया गया। जो इस जाति के लोगों के लिए लड़ेगा और संघर्ष करेगा इस जाति के लोग उसी के साथ रहेंगे। जनपद में पंचायत चुनाव मजबूती के साथ लड़ेंगे और जीतेंगे भी।