यूपी: मुठभेड़ में ढेर हुए बदमाश पर तीन जिलों में 14 मुकदमे, 2012 में अधिवक्ता की हत्या करके था फरार
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया बदमाश दीपक गुप्ता कई वारदातों में आरोपी था। उस पर भदोही, वाराणसी और अंबेडकरनगर जिलों में कुल 14 आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें से आठ मामले भदोही जिले में दर्ज थे।
2012 में भदोही के सुरियावां के ही एक अधिवक्ता की हत्या में भी वह वांछित था। बदमाश अपने जमीनी विवाद में अधिवक्ता और विपक्षियों के दखल को बर्दाश्त नहीं करता था। उस दौरान जमीनी विवाद को लेकर दीपक ने अधिवक्ता की हत्या कर दी थी। उसकी लाश सुरियावां रेलवे स्टेशन के पास एक कुएं से बरामद हुई थी।
इसके अलावा अन्य मामलों में भी वह आरोपी था। पुलिस उसकी पूरी आपराधिक कुंडली खंगाल रही है। बड़ा अपराधी होने के कारण तीनों जिलों में से भदोही में ही उस पर सबसे ज्यादा 25 हजार रुपये का इनाम था।
मौजूदा समय में आपराधिक योजनाओं को अमलीजामा पहनाने में उसकी संलिप्तता का इनपुट खुफिया एजेंसियों को मिल रहा था। हालांकि फिलाहल इधर उसका नाम किसी बड़ी आपराधिक वारदात में सामने नहीं आया था।
भदोही के एसपी रामबदन सिंह ने बताया कि भदोही जिले के सुरियावां निवासी दीपक उर्फ रवि पुत्र छोटेलाल बदमाश पर 50,000 हजार रुपये का इनाम घोषित था। आरोपी वाराणसी की जेल से फरार था। इस पर भदोही जिले में 25,000 रुपये, अंबेडकरनगर में 15,000 रूपये और वाराणसी जिले में 10,000 रूपये का इनाम घोषित था।
सोमवार की देर रात लगभग 1:30 बजे जब थानाध्यक्ष सुरियावां व स्वाट प्रभारी पर चेकिंग के दौरान दोनों बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। जहां कांस्टेबल सचिन झा के बुलट प्रूफ जैकेट में गोली लगी और स्वाट प्रभारी अजय सिंह के पैर में गोली लगी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश मारा गया और दूसरा फायर करता हुआ भाग गया।