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जौनपुर टीबी अस्पताल में धरना दे रहीं महिला स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला, आठ घायल
Wed, 09 Jan 2019 08:51 PM IST
utpal utpal
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जौनपुर
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Published by: utpal utpal
Updated Wed, 09 Jan 2019 08:51 PM IST
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प्लास्टिक की 20 से अधिक कुर्सियों को तोड़ दिया
- फोटो : अमर उजाला
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जौनपुर स्थित टीबी अस्पताल परिसर में तीन दिन से धरने पर बैठी महिला स्वास्थ्यकर्मियों पर बुधवार को अराजकतत्वों ने हमला कर दिया। उनकी लाठी-डंडों से पिटाई की और धरना स्थल पर प्लास्टिक की 20 से अधिक कुर्सियों को तोड़ दिया। महिलाएं काफी देर तक कराहती-चीखती रहीं।
उन्होंने सीएमओ कार्यालय के एक लिपिक पर खड़े होकर गुंडों से पिटवाने का आरोप लगाया। बाद में डिप्टी सीएमओ ने उन्हें समझा कर शांत कराया। स्वास्थ्यकर्मियों ने लाइन बाजार पुलिस को तहरीर दी है। सीएमओ कार्यालय में भ्रष्टाचार सहित अपनी मांगों को लेकर यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के बैनर तले महिला स्वास्थ्यकर्मी सोमवार से धरना प्रदर्शन कर रही थीं।
बुधवार को धरने का तीसरा दिन था। दोपहर में सभा चल रही थी कि अचानक लाठी-डंडों से लैस आठ-दस गुंडे वहां पहुंचे और उन पर हमला बोल दिया। मारपीट होते ही वहां भगदड़ मच गई। चीख-पुकार मचाती स्वास्थ्यकर्मियों ने कुसियों को ढाल बनाने को कोशिश की तो हमलावरों ने उसे भी तोड़ डाला। मारपीट कर हमलावर भाग निकले।
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हमले में आठ स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गईं। हंगामा एवं शोर सुनकर परिसर में मौजूद डिप्टी सीएमओ डा. आरके सिंह पहुंचे और समझा बुझाकर शांत कराया। एनएम अमिता श्रीवास्तव ने बताया कि सीएमओ कार्यालय के एक लिपिक अचानक कुछ लोगों को लेकर धरनास्थल पर आए और ललकार कर पिटवाने लगे।
सीएमओं को धरने के संबंध में पहले ही ज्ञापन दिया जा चुका है। उधर, डिप्टी सीएमओ डा. आर के सिंह ने कहा कि धरना स्थल पर मारपीट करने वाले बाहरी तत्व थे। मेरे विभाग का कोई कर्मचारी नहीं था।
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उन्होंने सीएमओ कार्यालय के एक लिपिक पर खड़े होकर गुंडों से पिटवाने का आरोप लगाया। बाद में डिप्टी सीएमओ ने उन्हें समझा कर शांत कराया। स्वास्थ्यकर्मियों ने लाइन बाजार पुलिस को तहरीर दी है। सीएमओ कार्यालय में भ्रष्टाचार सहित अपनी मांगों को लेकर यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के बैनर तले महिला स्वास्थ्यकर्मी सोमवार से धरना प्रदर्शन कर रही थीं।
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बुधवार को धरने का तीसरा दिन था। दोपहर में सभा चल रही थी कि अचानक लाठी-डंडों से लैस आठ-दस गुंडे वहां पहुंचे और उन पर हमला बोल दिया। मारपीट होते ही वहां भगदड़ मच गई। चीख-पुकार मचाती स्वास्थ्यकर्मियों ने कुसियों को ढाल बनाने को कोशिश की तो हमलावरों ने उसे भी तोड़ डाला। मारपीट कर हमलावर भाग निकले।
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हमले में आठ स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गईं। हंगामा एवं शोर सुनकर परिसर में मौजूद डिप्टी सीएमओ डा. आरके सिंह पहुंचे और समझा बुझाकर शांत कराया। एनएम अमिता श्रीवास्तव ने बताया कि सीएमओ कार्यालय के एक लिपिक अचानक कुछ लोगों को लेकर धरनास्थल पर आए और ललकार कर पिटवाने लगे।
सीएमओं को धरने के संबंध में पहले ही ज्ञापन दिया जा चुका है। उधर, डिप्टी सीएमओ डा. आर के सिंह ने कहा कि धरना स्थल पर मारपीट करने वाले बाहरी तत्व थे। मेरे विभाग का कोई कर्मचारी नहीं था।
सीएमओ कार्यालय परिसर में स्वास्थ्य कर्मियों दरा अपनी मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन धरना चल रहा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि सीएमओ की तानाशाही के कारण स्वास्थ्य कर्मियों का उत्पीड़न हो रहा है। मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष रुक्मिणी राय ने कहा कि कर्मचारियों का शोषण और उत्पीड़न हो रहा है। विरोध करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी दी जा रही है।
कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है। जब वेतन के लिए धरना करने की नोटिस दी गई तो उसके बाद नवंबर माह का वेतन भेज दिया गया। वेतन देने के लिए पीएचसी और सीएचसी पर हर कर्मचारी से सौ रूपये वसूल किया जा रहा है। जिसका एरियर बकाया है उससे 20 फीसदी की मांग की जा रही है।
बेसिक हेल्थ वर्कर संघ के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय तिवारी ने कहा कि सीएमओ कुछ बाबुओं से घिर गए हैं। जिसके कारण कर्मचारियों की समस्या को नहीं सुना जा रहा है। समस्या का निस्तारण करने के बजाय भय का माहौल पैदा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी धरना जारी रखें। रात में स्थल पर ही निवास करें। जिला अध्यक्ष शीतला प्रसाद सेठ ने कहा कि जब तक समस्या का निस्तारण नहीं होता अंदोलन जारी रहेगा।
कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है। जब वेतन के लिए धरना करने की नोटिस दी गई तो उसके बाद नवंबर माह का वेतन भेज दिया गया। वेतन देने के लिए पीएचसी और सीएचसी पर हर कर्मचारी से सौ रूपये वसूल किया जा रहा है। जिसका एरियर बकाया है उससे 20 फीसदी की मांग की जा रही है।
बेसिक हेल्थ वर्कर संघ के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय तिवारी ने कहा कि सीएमओ कुछ बाबुओं से घिर गए हैं। जिसके कारण कर्मचारियों की समस्या को नहीं सुना जा रहा है। समस्या का निस्तारण करने के बजाय भय का माहौल पैदा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी धरना जारी रखें। रात में स्थल पर ही निवास करें। जिला अध्यक्ष शीतला प्रसाद सेठ ने कहा कि जब तक समस्या का निस्तारण नहीं होता अंदोलन जारी रहेगा।